दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन निर्वाण लाडू चढ़ाकर भगवान वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक मनाया
108 कलशों से किया मूलनायक भगवान वासुपूज्य स्वामी का मस्तिकभिषेक
उत्तम ब्रह्मचर्य की साधना के साथ हुआ पर्यूषण पर्व का समापन
रत्नत्रय को धारण कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने से मानव जीवन सफल होगा - मानी दीदी
शुद्ध आत्मा में विचरण या रमण करना ब्रह्मचर्य है- संतोष शास्त्री
निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता में शिखा मोदी ने बाजी मारी
तालबेहट(ललितपुर) दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कसबे के पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पं. संतोष कुमार जैन शास्त्री अमृत एवं वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में बाल ब्रह्मचारिणी मानी दीदी झाँसी के निर्देशन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य निर्वाण लाडू चढ़ाकर जैन धर्म के 12 वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक मनाया। संतोष शास्त्री ने कहा शुद्ध आत्मा में विचरण या रमण करना ब्रह्मचर्य है, जिसे धारण किये बिना आत्मा का कल्याण संभव नहीं है। वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में चक्रेश कुमार स्वतंत्र जैन ने 108 कलशों से मूलनायक भगवान वासुपूज्य स्वामी का मस्तिकभिषेक किया। देवेंद्र बसार, राकेश सतभैया, अरविन्द भंडारी, रोहित बबीना, नीलेश गरेठा, सुरेंद्र विरधा, अंकित चौधरी, सौरभ मिठया, अखलेश कुमार, अंजेश गुन्देरा ने विभिन्न जिनबिम्बों के अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। अशोक कुमार, पुष्पेंद्र विरधा, प्रवीन भंडारी, कपिल मोदी, विकास भंडारी, वीरेंद्र बामौर, आदेश कुमार, अजित जैन, अरविन्द कुमार, गौरव विरधा, रजत बबीना, प्रसन्न कुमार, मनीष कड़ेसरा, अमन जैन, अरविन्द नयाखेड़ा, राजा चौधरी एवं अंजू सतभैया आदि ने निर्वाण लाडू चढ़ाकर मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव मनाया। अनिल बबीना एवं सरल जैन ने भक्तामर महामंडल विधान किया एवं दशलक्षण महामंडल विधान में भक्तों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। पुनीत विरधा एवं रौनक बबीना ने मंगल कलश का सौभाग्य प्राप्त किया। जैन मिलन बहुमण्डल शाखा ने मंगल आरती उतारी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत भक्तिमय कव्वाली पर मनमोहक प्रस्तुति दी। महिलाओं ने सास-बहू पर आधारित सात डुकारिया नाटक का सुंदर मंचन कर घर के सम्बन्धों में व्याप्त बुराइयों पर कटाक्ष किया। निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता में शिखा मोदी को प्रथम, अदिति को द्वितीय और स्वाति को तृतीय स्थान मिला। मंगलाचरण श्रेजल जैन ने किया। मानी दीदी ने कहा शरीर के बिना रत्नत्रय को धारण नहीं कर सकते साधना नहीं कर सकते मोक्ष मार्ग प्रशस्त नहीं कर सकते। लेकिन इस शरीर से हमें किसी भी प्रकार का राग नहीं रखना है। मंगलाचरण के प्रतिभागियों को प्रिया पुनीत जैन एवं निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता में शिवानी शनि जैन ने पुरस्कार प्रदान किए। रात्रि में णमोकार महामंत्र का पाठ एवं भक्तामर पाठ साथ 48 दीपक प्रज्वलित कर महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने किया। आभार व्यक्त हितेंद्र पवैया एवं पंकज भंडारी ने किया।
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