पर्यूषण पर्व पर तारण समाज में धर्म, ज्ञान और संस्कृति का संगम
महिला मंडल ने प्रस्तुत किया ‘पांच मत एवं 14 ग्रंथ’ का नाट्य रूपांतरण, प्रतिदिन हो रहे विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
इटारसी। पर्यूषण पर्व के पावन अवसर पर चैत्यालय जी में तारण तारण महिला मंडल द्वारा धार्मिक, ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पर्व के दौरान प्रतिदिन मंदिर विधि, प्रवचन तथा रात्रि में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिनमें समाजजन उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
दशलक्षण महापर्व पर तारण तारण महिला मंडल की 21 बहनों ने मंडलाचार्य श्रीमद् तारण तारण जी महाराज द्वारा रचित ‘पांच मत एवं 14 ग्रंथ’ का संक्षिप्त एवं ज्ञानवर्धक परिचय नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया। संचालन अंजू समैया एवं पूजा सिंघई ने किया। पाठशाला की बालिकाओं विवांशी एवं रैन्सी ने सुंदर मंगलाचरण प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
दसलक्षण धर्म के पावन अवसर पर समाज को किरण दीदी का सानिध्य भी प्राप्त हो रहा है। उनके सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों से श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं। अपने प्रवचनों में वे आत्मस्वरूप की पहचान और मनुष्य जन्म की सार्थकता पर विशेष जोर दे रही हैं। उनका संदेश है कि मनुष्य को बाहरी परिस्थितियों से ऊपर उठकर अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानना चाहिए—‘मैं आत्मा हूं, शरीर नहीं।’ वे समझाती हैं कि बाहरी संसार में जो कुछ घटित हो रहा है, वह आत्मा का वास्तविक स्वरूप नहीं है; आत्मा शुद्ध, त्रिकाल परम तत्व है।
पर्यूषण पर्व के दौरान बच्चों की आरती एवं चंवर का सुंदर आयोजन, प्रथम ढाल पर संगोष्ठी, ज्ञानोदय दौड़, एकाग्रता से जुड़े कार्यक्रम, धार्मिक अंताक्षरी सहित अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समाजजनों और बच्चों ने इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विभिन्न कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने पर्व के वातावरण को उत्साह और आध्यात्मिकता से भर दिया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
Tags:
समाचार
