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गैजेट्स की दुनिया से दूर नन्हे बच्चों ने सीखी सनातन की एबीसीडी



गैजेट्स की दुनिया से दूर नन्हे बच्चों ने सीखी सनातन की एबीसीडी

इटारसी। आज के दौर में जब बचपन मोबाइल और गैजेट्स की स्क्रीनों में सिमटता जा रहा है, इटारसी के शक्ति नगर (फेस-2) से एक ऐसी मनमोहक और सुकून देने वाली तस्वीर सामने आई है, जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगी। यहां सौरभ-अमित शिवनानी परिवार ने अपने घर के आंगन में केवल गणेश जी की झांकी नहीं सजाई, बल्कि भारत के प्रमुख तीर्थों का एक ऐसा 'मिनी संसार' रच दिया है जिसे देखकर हर कोई अचंभित है। और इस झांकी की सार्थकता तब और बढ़ गई, जब इसे निहारने के लिए नन्हे-मुन्ने कदम यहां पहुंचे।

 एक ही जगह तिरुपति से लेकर कैलाश मानसरोवर तक के दर्शन

कल्पना कीजिए, एक ही प्रांगण में भगवान श्री गणेश के झूलेलाल अवतार के दुर्लभ दर्शन, दक्षिण के श्री तिरुपति बालाजी और धनुषकोटी, उत्तर का शांत कैलाश मानसरोवर, लेह-लद्दाख का टूरटूक वाटरफॉल और पाताल भुवनेश्वर की रहस्यमयी गुफा! शिवनानी परिवार की इस बारीक रचनात्मकता ने न सिर्फ शहरवासियों को आकर्षित किया है, बल्कि यह आध्यात्म और कला का एक जीता-जागता केंद्र बन गई है।

'बचपन स्कूल' की शानदार पहल : किताबों से बाहर निकलकर सीखे संस्कार

इस भव्य आयोजन का सबसे खूबसूरत अध्याय तब जुड़ा, जब 'बचपन प्ले स्कूल' की प्रिंसिपल मंजू ठाकुर अपने स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों को इस 'मिनी भारत' के दर्शन कराने लेकर पहुंचीं। यह महज एक भ्रमण नहीं था, बल्कि बच्चों में बचपन से ही अपनी माटी, सनातन धर्म और सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूकता लाने का एक मास्टरस्ट्रोक था। बच्चों की आंखों में तीर्थों को करीब से देखने की उत्सुकता और चेहरों पर जो भक्ति का भोलापन था, उसने वहां मौजूद हर शख्स का मन मोह लिया। इन बच्चों को शहर का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री बूढ़ी माता मंदिर भी ले जाया गया, जहां बच्चों ने दर्शन करने के साथ मंदिर के विषय में जानकारी हासिल की।

 बेहतर नागरिक बनने की नींव

अपने धर्म और पवित्र तीर्थों के गौरवशाली इतिहास को जब बच्चे अपनी आंखों से देखते हैं, तो उनके भीतर एक बेहतरीन और संस्कारी नागरिक बनने के बीज बोए जाते हैं। सौरभ शिवनानी ने बच्चों को अपनी संस्कृति के इतने करीब लाने की इस सुंदर और सार्थक पहल के लिए प्रिंसिपल मंजू ठाकुर का हृदय से आभार व्यक्त किया है। शिवनानी परिवार ने शहर के सभी धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे भी सपरिवार आएं और इस अनूठी झांकी के दर्शन कर पुण्य लाभ लें।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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