बेटी है तो कल है, बेटी ही भविष्य की नींव
उत्तम त्याग धर्म की सांस्कृतिक बेला में आदिनाथ जिनालय ने दिया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश
इटारसी। दशलक्षण महापर्व के उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कावेरी वीआईपी इस्टेट के आदिनाथ जिनालय की ओर से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर प्रभावशाली एवं संदेशपरक नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से समाज को बेटियों के संरक्षण, शिक्षा और सम्मान का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।
नाटक में आदिनाथ जिनालय के अध्यक्ष दीपक जैन एवं उनकी धर्मपत्नी दिव्या जैन सहित नौ देवियों के रूप में गुंजन जैन, ऋतु जैन, काजल जैन, सविता जैन, नीतू जैन, रजनी जैन, लीना जैन एवं रिंकी जैन ने सहभागिता की। बेटी की भूमिका आयुषी जैन ने निभाई। अन्य बेटियों ने भी नाटक में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नाटक की प्रस्तुति के दौरान बेटियों के प्रति समाज की सोच, उनके अधिकार, शिक्षा और सम्मान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि बेटी केवल परिवार की खुशियों का आधार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को ‘बेटी है तो कल है, बेटी ही भविष्य की नींव है’ का संदेश देते हुए बेटियों को बचाने, उन्हें शिक्षित करने और समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया गया। नाटक की प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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