इंजी. अरुण जैन को मिला काव्य कीर्ति सम्मान, 20 वीं कृति लोकर्पित
ललितपुर। राजस्थान के प्रसिद्ध नगर बीकानेर में आयोजित राष्ट्रीय संस्था 'जैन साहित्य संगम के तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन में, नगर के प्रतिष्ठित साईकिल परिवार के इंजी. अरुण जैन को काव्य कीर्ति सम्मान से अलंकृत किया गया. इसी कार्यक्रम में इनकी बीसवीं कृति एलिक्सर ऑफ़ अफेक्शन का लोकार्पण गणमान्य अथितियों द्वारा किया गया.
त्रिदिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारम्भ पंजाब के राज्यपाल महामहिम श्री गुलाब चंद्र जी कटारिया की गौरवमयी उपस्थित में हुआ. यह आयोजन पूज्य जैन आचार्य श्री रामलाल जी महाराज के ससंघ आशीर्वाद में सम्पन्न हुआ.
लोकर्पित पुस्तक का परिचय देते हुये प्रतिष्ठित साहित्यकार विमल भंडारी भोपाल, ने बताया कि इसमें इनकी 92 लघुकथाएं संकलित हैं, जो विगत वर्षों में 2000 से अधिक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकीं हैं व सारे देश के साहित्यकारों व पाठकों द्वारा सराही गयीं हैं.इनमें समाज, परिवार व देश की विभिन्न समस्याओ,परिस्थितियों का चित्रण है व उनका सकारात्मक समाधान भी है.सारी लघुकथाएं समाज का दर्पण हैं व इनसे आशा, सृजन व प्रगति का स्पष्ट सन्देश मिलता है. उपस्थित जनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीप हर्षदर्शी उदयपुर, लोकप्रिय गीतकार श्री कैलाश तरल उज्जैन, श्रीमती सुधा चौधरी विदिशा व देश भर के प्रतिष्ठित मनीषी थे.अथितिवृंदो ने श्री जैन के साहित्य सृजन की मुक्तकंठ से सराहना की.
उनकी साहित्य सेवाओं के लिये उन्हें 'काव्य कीर्ति सम्मान "प्रदान किया गया. ललितपुर से अपनी साहित्य यात्रा प्रारम्भ करने वाले अरुण जी ने सारे देश में भारतीय रेलवे के माध्यम से अपनी सेवाएं दीं हैं. इनको भारत सरकार सहित देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सम्मनित किया जा चुका है. वर्तमान में देश के गौरवशाली अमृता हॉस्पिटल फ़रीदाबाद में अपनी सेवाएं दे रहें हैं.
नगर के समाज जनों, साहित्यकारों व विभिन्न संस्थानों ने इन उपलब्धियों पर श्री अरुण जैन को बधाई दी है.
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