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समाजसेवी एवं पार्षद श्री बंसल जाएंगे 24 दिवंगतों के अस्थि कलश लेकर हरिद्वार - 33 वर्षों से जारी है परम्परा


समाजसेवी एवं पार्षद श्री बंसल जाएंगे 24 दिवंगतों के अस्थि कलश लेकर हरिद्वार - 33 वर्षों से जारी है परम्परा 

सामूहिक अस्थि विसर्जन विधि पूर्वक गंगा जी में करेंगे 

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

मंदसौर। हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष और पितृपक्ष में अपने परिवार के दिवंगत परिजनों पूर्वजों को श्रद्धा और आदर से स्मरण करने का विधान बताया गया है और इसके शुभ फल वर्तमान पीढ़ी को प्राप्त होने का उल्लेख है । शास्त्रों और पुराणों में वर्णित है और यह क्रम सदियों से प्रचलित है । 
इसी प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में समाजों में दिवंगत आत्माओं की अस्थि संचय करने और पवित्र नदियों में विधि पूर्वक क्रियाओं द्वारा प्रवाहित करने का विधान है। सभी प्रमुख नदियों में यह क्रियाएं निरंतर चलती रही हैं । तीर्थ स्थान हरिद्वार क्षेत्र में गंगा मैया को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। 
दिवंगतों की आत्माओं की शांति के लिए समर्पित होकर गंगा जी में संचित अस्थियां विसर्जित करते हैं इस विधान को सभी सनातनी लोग मानते आए हैं और इस क्रम को मंदसौर क्षेत्र के युवा समाजसेवी एवं नगर पालिका परिषद मंदसौर के एकमात्र निर्दलीय पार्षद श्री सुनील बंसल ने संकल्पित होकर नया आयाम दिया है ।

इस प्रतिनिधि से चर्चा में श्री बंसल ने बताया कि शुरुआत में अपने और संपर्क वाले परिवार जनों की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार ले गए थे उसके बाद मन में यह भाव रहा कि यह पवित्र कार्य है और यह अपने स्तर पर अपने व्यय से करना ठीक लगता है तो फिर हर वर्ष पितृ पक्ष में यह क्रम निरन्तर चलता रहा और 33 साल की परंपरा हो गई है और समाज में भरोसा भी हो गया है जब विभिन्न क्षेत्रों से समाजों से जुड़े महानुभावों ने अपने परिवार जनों की अस्थियों को हमें सौंपा है और सभी दिवंगतों की अस्थियों को श्रद्धा और सम्मान से गंगा जी में प्रवाहित कर रहे हैं । श्री बंसल बताते हैं कि कोई 1800 से अधिक दिवंगत आत्माओं की अस्थियां विसर्जित कर चुके हैं और यह कर्म करने हरिद्वार क्षेत्र में लगातार 33 सालों से जा रहे हैं ।
श्री बंसल कहते हैं सेवा मेरा धर्म सेवा मेरा कर्म यह ध्येय वाक्य है और इसके लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं गांधी चौराहा पर निराश्रितों गरीबों और अशक्त कमज़ोर लोगों के लिए विगत वर्षों से लगातार 3 हजार 250 दिनों से सेवा बैंक माध्यम से सेवा प्रकल्प चल रहा है जहां प्रतिदिन शाम को निःशुल्क आहार भोजन कराया जाता है सम्मान से पंगत में बिठा कर भोजन परोसा जाता है और संख्या रोजाना 150 से अधिक लोगों की रहती है अपने योगदान के साथ समाज जनों का भी सहयोग मिल रहा है । 

 समाजसेवी पार्षद सुनील बंसल के पुत्र शलभ बंसल, पत्नी और बेटी का भी समर्थन और सहयोग इस सेवा प्रकल्पों में दिया जा रहा है इस बार श्री बंसल जरूरतमंद निराश्रित और अन्य दिवंगतों के अस्थि कलश लेकर 3 अक्टूबर 2026 शनिवार को गंगाजी में विसर्जन के लिए हरिद्वार जा रहे हैं।

 इस बार 18 पुरुषों के और 6 महिलाओं के और 11 बंदरों के अस्थि कलश लेकर जाएंगे यह सेवा प्रकल्प उन्होंने 33 साल पहले लिया था जो निरंतर 34वें साल भी चल रहा है। सनातन धर्म में वानर ( बंदर ) की मृत्यु पर भी विधान बताया गया है उसको ध्यान में रखकर श्री बंसल नगर और आसपास क्षेत्र में ज्ञात 11 वानरों की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार ले जा रहे हैं ।

उल्लेखनीय है कि पार्षद एवं समाजसेवी श्री बंसल हजारो दिवंगतों का अंतिम संस्कार भी कर चुके है। कोरोना काल में भी 1100 से भी अधिक लोगों का अंतिम संस्कार किया जब परिवार के आत्मीय भी पार्थिव शरीर को हाथ नहीं लगाते थे तब भी अपनी जान की परवाह किए बिना समर्पित भाव से दाह संस्कार किए  यही नहीं इसके साथ ही अनेक गरीब कमज़ोर परिवारों को अन्तिम क्रिया कर्म की सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई।

समाजसेवी श्री बंसल के साथ सहयोगी भूमिका में पन्द्रह सेवाभावी साथियों का समूह इस मौके पर हरिद्वार साथ जा रहा है । 
सहयोगी साथी फोटोजर्नलिस्ट शंभू सेन राठौड़ ने बताया कि जो परिवार जन किन्हीं कारणों से या आर्थिक स्थिति से अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियां गंगा जी हरिद्वार नहीं जा पा रहे वे परिवार अपने परिजन के मोक्ष के लिए अस्थि विसर्जन करना चाहते हैं तो गणपति चौक स्थित बंसल संस्थान पर सौंप सकते हैं ताकि पवित्रता के साथ उनके परिजनों की अस्थियों को भी साथ ही विधि पूर्वक कार्यवाही करेंगे और आदर और श्रद्धा भक्ति से प्रवाहित करेंगे 

श्री राठौड़ ने बताया कि मंदसौर में रवाना होने के पूर्व समस्त परिवार जनों, दिवंगतों के समाज जनों की सामूहिक उपस्थिति में एकत्र किए गए सभी अस्थि कलश का पूजन कर ट्रेन से चित्तौड़ होकर श्री बंसल हरिद्वार मां गंगा जी जाएंगे वहां गंगा मैया हरिद्वार क्षेत्र के पण्डा पंडित श्री प्रदीप झा सनातनी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार उनका पिंडदान तर्पण कर्म क्रियाएं कर अस्थि विसर्जन करेंगे।

ज्ञातव्य है कि मंदसौर की विशिष्ट पहचान बन चुके समाजसेवी एवं पार्षद श्री सुनील बंसल को विभिन्न संस्थाओं संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है । जन परिषद संस्था द्वारा कोरोना काल में सेवाओं के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया । इसी प्रकार विभिन्न संस्थाओं लायंस क्लब भारत विकास परिषद रोटरी क्लब दशपुर जागृति संगठन जिला प्रशासन रेडक्रॉस प्रेस क्लब सहित अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा भी श्री बंसल को सम्मानित किया गया है ।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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