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NABH Final Level की अनिवार्यता एवं आयुष्मान के लंबित भुगतान को लेकर नर्मदापुरम संभाग के अस्पतालों में रोष



NABH Final Level की अनिवार्यता एवं आयुष्मान के लंबित भुगतान को लेकर नर्मदापुरम संभाग के अस्पतालों में रोष

7 अक्टूबर तक समाधान की मांग, अन्यथा 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना के सामूहिक बहिष्कार की तैयारी

नर्मदापुरम/इटारसी । आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश योजना से संबद्ध अस्पतालों में NABH Final Level की अनिवार्यता एवं आयुष्मान योजना के लंबित भुगतानों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। प्रदेश के ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल एवं इंदौर सहित प्रमुख शहरों में अस्पताल संचालकों द्वारा इन मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त की जा रही हैं। इसी क्रम में नर्मदापुरम संभाग के अस्पताल संचालक भी एकजुट होकर अपनी मांगें शासन के समक्ष रखने जा रहे हैं।

इस विषय में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) इटारसी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) होशंगाबाद, UPHDA नर्मदापुरम एवं इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) ने अस्पतालों की मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।

NABH को लेकर अस्पताल संचालकों की आपत्ति

अस्पताल संचालकों का कहना है कि NABH Entry Level अथवा Final Level को आयुष्मान योजना में अनिवार्य करने से मरीजों की चिकित्सा गुणवत्ता में अपेक्षित प्रत्यक्ष सुधार की तुलना में अस्पतालों पर दस्तावेजी एवं प्रशासनिक कार्य का भार काफी बढ़ जाता है

प्रमुख मांगें

अस्पताल संचालकों की मुख्य मांगें हैं—

- आयुष्मान योजना में NABH Final Level की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- पुराने पोर्टल सहित आयुष्मान योजना के सभी पात्र लंबित क्लेमों का शीघ्र भुगतान किया जाए।
- अस्पतालों पर अनावश्यक दस्तावेजी एवं प्रशासनिक भार कम कर मरीज-केंद्रित चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए।

विधायक,एवं कलेक्टर को दिया जाएगा ज्ञापन

ज्ञापन के माध्यम से NABH Final Level की अनिवार्यता समाप्त करने,तथा आयुष्मान योजना के लंबित पात्र क्लेमों का शीघ्र भुगतान करने की मांग शासन एवं प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।

7 अक्टूबर तक समाधान की मांग

अस्पताल संचालकों ने शासन एवं आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश से आग्रह किया है कि इन प्रमुख मांगों पर 7 अक्टूबर 2026 तक संतोषजनक निर्णय लिया जाए।

यदि निर्धारित समय-सीमा तक मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 8 अक्टूबर 2026 से नर्मदापुरम संभाग के आयुष्मान संबद्ध अस्पताल सामूहिक रूप से आयुष्मान योजना के बहिष्कार में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।

अस्पताल संचालकों ने कहा कि उनका उद्देश्य मरीजों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि शासन के समक्ष अस्पतालों की वास्तविक समस्याओं का शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से समाधान प्राप्त करना है। समय रहते सकारात्मक निर्णय होने पर प्रस्तावित सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

“एकजुटता ही हमारी ताकत है — अस्पताल हित में सामूहिक निर्णय, सामूहिक संघर्ष।”

समर्थन

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, इटारसी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, होशंगाबाद
UPHDA, नर्मदापुरम
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP)
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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