'बाल साहित्य संवाद-4' का सफल आयोजन: लखनऊ के सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार प्रो. सुरेन्द्र विक्रम से हुआ सीधा संवाद
भोपाल । बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल के तत्वावधान में आज 'बाल साहित्य संवाद-4' का सफल एवं गरिमामय आयोजन बाल कल्याण शोध केंद्र, भोपाल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ लखनऊ से पधारे ख्यात बाल साहित्यकार सुरेंद्र विक्रम जी के स्वागत उद्बोधन केंद्र निदेशक श्री महेश सक्सेना के स्वागत वक्तव्य से हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण लखनऊ से पधारे सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार प्रो. सुरेन्द्र विक्रम रहे। इस विशेष संवाद सत्र में प्रो. सुरेन्द्र विक्रम के साथ एक विशेष साक्षात्कार का आयोजन किया गया। यह साक्षात्कार वरिष्ठ साहित्यकार श्री गोकुल सोनी द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने प्रो. विक्रम के साहित्यिक सफर, बाल साहित्य के महत्व और बच्चों के लिए प्रेरणादायी रचनाओं के सृजन पर विस्तार से चर्चा की।
जब श्री सोनी ने विक्रम जी से पूछा कि बाल साहित्य के क्षेत्र में वे केंद्र एवं राज्य सरकारों से क्या अपेक्षा रखते हैं, तब श्री विक्रम जी ने बताया कि सरकारें अपने अपने स्तर पर काम करती हैं लेकिन प्रयासों की सराहना बाल साहित्य को बालमन तक पहुँचाने में है।इस दिशा में संस्था गत प्रयास बहुत मायने रखते हैं।
इस कार्यक्रम का कुशल संयोजन बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल के निदेशक श्री महेश सक्सेना द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी श्री मनोज जैन "मधुर" (बाल साहित्यकार एवं मीडिया प्रभारी) के साथ ही श्री सुनील चतुर्वेदी एवं श्री बी एल गोहिया ने सफलतापूर्वक निभाई।
कार्यक्रम में शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों और बाल साहित्य में रुचि रखने वाले श्रोताओं ने अनेक प्रश्न पूछे जिनका समाधान सुरेंद्र विक्रम जी ने सलीके से किया।
डॉ राजेश श्रीवास्तव ..डॉ मीनू पांडे नयन डॉ उमेश सिंह व्ही के श्रीवास्तव जी सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति देकर प्रो. सुरेन्द्र विक्रम के विचारों व अनुभवों का लाभ उठाया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का श्रीमती श्यामा गुप्ता जी ने आभार व्यक्त किया गया।
महेश सक्सेना,
निदेशक, बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल
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