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काव्य : पूज्य रत्नत्रय के अवतरण दिवस पर,बने कुंदन.. धरा के कण -इंजी. अरुण कुमार जैन ,फरीदाबाद


काव्य : 
पूज्य रत्नत्रय के अवतरण दिवस पर,

बने कुंदन.. धरा के कण 
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इंजी. अरुण कुमार जैन 
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शरद पूनम के चंदा थे,
 निर्मल शांत व पावन,
 सूरज थे हे युग श्रेष्ठ,
 पाये ऊर्जा ब्रह्म आँगन,
पवन, शीतल सुहानी थे,
 सभी को प्राण देते थे,
गंगा नीर से निर्मल, अमृतधार संग देते.
 करें बंदन,नमन प्रतिपल, धरा के हम सभी श्रावक, आचार्य विद्यासागर जी, रखें निर्मल हमारे मन.
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 मरुभूमि में मुनि दीक्षा, महा अंगार थे भू पर,
 देवों ने था बरसाया, शीतल जल धरा पर तब,
यही उद्घोष था पावन, करोडों शांति पाएंगे,
पूज्य श्री की कृपा से सब,
 सभी धन-धान्य पाएंगे.
 मिला इतना हमें भगवन, यहां प्रभु राज जो आए,
 महा कलयुग में वसुधा पर,
 प्रभु श्री राम फिर आए.
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धरा के जड़ व चेतन ने,
 परम निधियाँ,सतत पायीं,
दयोदय,प्रतिभास्थली,
 शांतिधारा, पूर्णायु कहलायीं,
 रामटेक, कुंडलपुर, नेमावर, मडिया जी  व मुक्तगिरि,
 मूकमाटी पर गुरुवर   की,
कृपा पावन सदा ही थी.
 बने कुंदन धरा के कण,
कृपा अमृत को सदा पाकर, ज्ञान वारिधि से विद्या ले,
समय को दे गये  सागर. 
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नहीं है देह वसुधा पर,
 हर मन छवि समायी है,
नयन,कर अधर अनुकंपा,
 कण कण व्याप्त भाई है.
पदरज को ही धारण कर,
मस्तक सब लगाते हैं,
दिव्य वाणी के अमृत से,
सतत ऊर्जा को पाते हैं.
समय सागर सा वर देकर,
परम उपकार कीन्हा है,
उन जैसे सहस्त्रों संत दे,
अमृतकुंड दीन्हा है.
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शरद पूर्णिमा शत नमन,
जड़ चेतन के आज,
अमृत धार बहाइये,
हम रहें धर्म के साथ,
संतो की पदरज मिले,
जग सेवा कर पाएं,
हर अधरों पर नेह, सुख,
शांति निधियाँ लाएं.
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संपर्क //अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा.
मो. 7999469175
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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