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इटारसी बस स्टैंड मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने सड़क पर उतरे धरना किंग गज्जू तिवारी


इटारसी बस स्टैंड मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने सड़क पर उतरे धरना किंग गज्जू तिवारी

व्यापारियों, छात्रों के अभिभावकों, बस संचालकों और व्यापारी , आम नागरिकों को साथ लेकर जनहित याचिका की तैयारी शुरू

इटारसी। शहर के पुराने बस स्टैंड पर बसों के पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था बंद किए जाने के मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता धरना किंग गजानंद तिवारी (गज्जू तिवारी) जनसमर्थन जुटाने के लिए मैदान में उतर गए हैं। दिल्ली से लौटते ही उन्होंने इस मुद्दे पर आंदोलन की रणनीति तैयार की और शहर के प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पहुंचकर व्यापारियों से समर्थन मांगा।
बस स्टैंड पर अचानक पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था बंद किए जाने से स्कूली छात्र-छात्राओं, मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और बस यात्रियों के बीच परेशानी एवं असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें आवागमन में होने वाली दिक्कतों को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। वहीं, बस कंडक्टर, ड्राइवर और बस मालिक भी इस निर्णय को लेकर अपनी बात रख रहे हैं।
इस मामले को लेकर गजानंद तिवारी ने जनहित याचिका की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में वे पांच जनपद साहू लॉ चैंबर पहुंचे, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता रमेश साहू के साथ बैठकर कानूनी पहलुओं और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में जनहित के इस मुद्दे को लेकर कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ने की रूपरेखा बनाई गई।
‘सर्वसम्मति किसकी थी, जनता को बताया जाए’ — गज्जू तिवारी
गजानंद तिवारी ने कहा कि बस स्टैंड से जुड़ा आदेश मनमाने तरीके से जारी किया गया है और उसमें सर्वसम्मति का उल्लेख किया गया है। सवाल यह है कि आखिर यह सर्वसम्मति किन लोगों की थी? क्या बस मालिकों, व्यापारियों, स्कूली छात्र-छात्राओं के अभिभावकों, मजदूरों और आम नागरिकों से सहमति ली गई थी? यदि इन वर्गों को विश्वास में ही नहीं लिया गया, तो फिर सर्वसम्मति का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? क्षेत्री परिवहन अधिकारी के द्वारा 
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नए बस स्टैंड को चालू करने का हम विरोध नहीं कर रहे हैं। शहर को बेहतर यातायात व्यवस्था मिले, यह सभी चाहते हैं। हमारा विरोध पुराने बस स्टैंड पर पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था बंद किए जाने को लेकर है। पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों को बस में चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
तिवारी ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे इटारसी शहर की जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। इसलिए व्यापारियों, अभिभावकों, बस संचालकों और नागरिकों को साथ लेकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
गजानंद तिवारी ने कहा कि जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी, ताकि प्रशासन जनभावनाओं को समझे और पुराने बस स्टैंड पर पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था पुनः सुनिश्चित की जा सके।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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