आनंद को पाने का लेखा जोखा करवाया तैयार
इटारसी। आज राज्य आनंद संस्थान द्वारा इटारसी के आदिवासी छात्रावास के परिसर मे उपस्तिथ 60 विधार्थियों के साथ अल्पविराम एक परिचय कार्यक्रम आयोजित किया गया| कार्यक्रम समन्वयक सुमन सिंह ने बताया कि आज के समय के विधार्थियों के जीवन मे बड़े उतार चढ़ाव आते है जिनमे अगर वो सही गलत का निर्णय न कर पाए तो वो निर्णय उनके आने वाली जिंदगी का आनंद भी छीन लेता है बस इन्ही बातों को उनके बीच रखने के लिए ये सत्र आयोजित किया गया कि वो वास्तव मे आनंद क्या है और वो किससे मिलता को समझ पाए | कार्यक्रम की शुरुआत अतिथी विकास खंड शिक्षा अधिकारी आशा मौर्य के द्वारा दीप प्रज्जवल करके हुई तत्पश्चात कुमकुम और सेजल के द्वारा प्रार्थना हुई, सभी के परिचय पश्चात् मास्टर ट्रेनर ओम प्रकाश विश्वकर्मा के द्वारा आनंद क्या है और अल्पविराम के बारे मे संछिप्त मे बताकर उपस्तिथ सभी प्रतिभागियों को जीवन का लेखा जोखा कैसे तैयार किया जाता है और क्यों करना जरूरी है का सत्र लिया गया, उन्होंने बताया कि हमको आनंद मे रहने के लिए अपने मन को हल्का करना होगा और दिमाग़ मे जो नफरत, गुस्सा, किसी के प्रति शिकायत, जलन,घृणा आदि भरी हुई है उस गंदगी को साफ करके अपने मन को हल्का करना होगा तभी हमको आनंद मिल पायेगा इसी कड़ी मे मनस्टर ट्रेनर और कार्यक्रम समन्वयक सुमन सिंह द्वारा चिंता सो चिता के बारे मे बातचीत की, उन्होंने बताया कि हमारी चिंताये तीन तरह की हो सकती है एक व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक, इन तीनो चिंताओं मे हमको देखना ये है कि वो चिंता किससे सम्वधित है और चिंता को कम करने मे हमारा रोल क्या है? हम उस ओर विचार करें और खुद को चिंता से मुक़्त करके एक आनंद मय जीवन जीए और जो चिंता हमारे दायरे से बाहर है तो उसको त्यागे| विधार्थियों को प्रेरित किया गया कि वो किस तरह अपने भविष्य की चिंता को उनका समाधान करते हुए दूर करके एक स्वस्थ और आनन्द वाला जीवन जी सकते है| उन्होंबने ऊर्जा के नियम को समझाते हुए बताया कि हम जिस चीज पर अपनी ऊर्जा खर्च करेंगे वही बढ़ेगी अब देखना हमको है कि चिंता बढ़ानी है या आनंद |आनंदक सहयोगियों के साथ साथ सभी विधार्थियो ने अपने खुद के अनुभव साझा किये |अतिथि आशा मौर्य ने बोला कि आनन्द किसी भी छनिक मिलने वाली ख़ुशी को नहीं कहते और न ही वो बाहर किसी भौतिक वस्तु से मिलती है वो तो खुद मे डूबने से ही प्राप्त होता है | कार्यक्रम के अंत मे एक मोटिवेशनल विडिओ दिखाया गया और सभी को प्रमाणपत्र बांटे गए | कार्यक्रम को संचालित करने मे सुमन सिंह, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, व्यंकेट चिमनिया, राजेश मालवीय, राजेन्द्र कुशवाह, कुमकुम नागेश, सेजल मालवीय, स्वाति मालवीय की भूमिका रही |
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