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सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. शरद जी पगारे नहीं रहे


 

सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. शरद जी पगारे नहीं रहे

इन्दौर। व्यास सम्मान प्राप्त सुप्रसिद्ध उपन्यासकार, वरिष्ठ साहित्यकार आदरेय प्रो. शरद पगारे जी ने अंतिम सांस ली... गुलारा बेगम जैसे कई उपन्यासों से साहित्य और हिन्दी को बलवान बनाने वाले पगारे जी की वह खनकती आवाज़ अब नहीं सुनाई देगी।

अंतिम यात्रा शनिवार 29 जून 2024 को लगभग दोपहर 12 बजे निज निवास से रीज़नल पार्क मुक्तिधाम जाएगी।

ऐतिहासिक उपन्यासों के अप्रतिम कुम्भकार को मातृभाषा उन्नयन से संस्थान की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संरक्षक राजकुमार कुम्भज ने अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि 'आज ईश्वर ने ऐतिहासिक उपन्यासों के कुशल चितेरे को अपने पास बुलाया है, यह न केवल मालवा बल्कि देश के साहित्य समाज की बड़ी क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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