ad

सरोकार साझा मंच ने लोककथा की प्रासंगिकता पर कार्यक्रम आयोजित किया


 

 सरोकार साझा मंच ने लोककथा की प्रासंगिकता पर  कार्यक्रम आयोजित किया 

इंदौर :' लोककथा की प्रासंगिकता ' पर आयोजित किया गया। डॉ. मनोरमा पांडे ने लोककथा के महत्व और भूमिका पर लेख प्रस्तुत किया । इस कार्यक्रम में विभिन्न देशी- विदेशी भाषा और बोलियों की लोक कथाओं को प्रस्तुत कर उनकी सीख, और आज उनकी और  जरूरत बताई गयी। हर देश में इनकी मौखिक,परम्परागत और अनौपचारिक   विधा आज भी प्रचलित है। डॉ. मंजू गुप्ता, निरुपमा त्रिवेदी(असमी ), मंजू सिंह, डॉ. निरुपमा नागर,अनीता झा, गायत्री ठाकुर(चीनी ), डॉ. अंजलि दीवान,(पंजाबी )सरला मेहता, काजल मजुमदार(रुसी- परिवर्तित ),आशा मुंशी ,  अमिता मराठे और हेमा रावत  ने रोचक लोक कथाएं और उनके प्रसंग सुनाये। सभी ने  बचपन में  लोक कथाओं  से मनोरंजन के साथ  के उपदेश, सीख और जीवन जीने की कला के महत्व का भी उल्लेख किया। 

    महिमा शुक्ला ने बचपन में सुनी -पढ़ीं -रुसी और जापानी लोक कथाओं  और उनमें परस्पर मूल सिद्धांतो में एकरूपता को बताया। 

डॉ. अर्चना त्रिवेदी ने (यूनानी ) लोककथा के माध्यम से  प्रकृति परिवर्तन का ज्ञान मिलने की बात कही। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। सचिव करुणा प्रजापति ने मंच की  ओर से पुनः कहा कि मंच कोशिश करेगा कि भूली-  बिसरी लोक कथाओं को फिर से  सुना - सुनाया और पढ़ा -जायेगा। इनसे प्राप्त ज्ञान, नीति ,सीख और , जीवन - कला/ कौशल सीखने के लिए इनके प्रसार की जरूरत है।

महिमा शुक्ला, (स.स.म.)अध्यक्ष

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post