व्यंग्य :
कॉकरोच – रसोई से अब देश के कोने-कोने तक
कल तक मामला सिर्फ रसोई तक सीमित था। बीवी कुर्सी पर, पति चप्पल लेकर, और कॉकरोच सिंक के नीचे। पर अब सुनने में आया है कि *महाराज ने प्रमोशन ले लिया है*। अब वो सिर्फ किचन के नहीं, *पूरे देश के बेताज बादशाह* बनने निकले हैं।
*1. विस्तार नीति: 'एक किचन, एक देश'*
पहले इनका एजेंडा था – "घर-घर किचन, घर-घर आतंक"।
अब नया नारा है – *"गली-गली में शोर है, कॉकरोच सरकार का दौर है"*।
रेलवे स्टेशन की बेंच के नीचे से लेकर संसद की लाइब्रेरी तक, हर जगह इनके दूत तैनात हैं।
*जहां गंदगी, वहां सरकार।*
*2. नई जनसंपर्क नीति: 'हर घर दस्तक'*
अब महाराज सिर्फ किचन तक सीमित नहीं।
बाथरूम में शॉवर के नीचे, बेडरूम में अलमारी के पीछे, ऑफिस में फाइलों के ढेर में – *हर जगह VIP एंट्री*।
नया नियम: *"जिस घर में हम नहीं, वो घर सरकार की नजर में नहीं"*।
डाकिया चिट्ठी लाए ना लाए, ये महाराज हर महीने हाल-चाल पूछने जरूर पधारते हैं।
*जनता और नेता में सीधा संवाद।*
*3. चुनाव चिन्ह और प्रचार*
चुनाव चिन्ह: *"भागते हुए ये स्वयं"*।
चुनावी वादा: *"हम आएंगे तो हिट हटाएंगे, लक्ष्मण रेखा मिटाएंगे"*।
रैली की जगह: रात 2 बजे आपकी किचन।
वोटर लिस्ट: जिस घर में एक बार भी "मम्मीईईई रे- कॉकरोच" की चीख निकली, वो पक्का वोटर।
*नतीजा: एकतरफा जीत। विपक्ष अभी भी कुर्सी पर चढ़ा है।*
*4. राष्ट्रीय उपलब्धियां*
1. *'डिजिटल इंडिया' को टक्कर:* 5G से तेज भागते हैं। कोने में घुसते ही नेटवर्क गायब।
2. *'मेक इन इंडिया' का ब्रांड एंबेसडर:* 100% स्वदेशी। ना वीजा, ना पासपोर्ट, फिर भी हर घर में।
3. *'महिला सुरक्षा':* इनके डर से रात को कोई महिला किचन में अकेली नहीं जाती। पति को साथ ले जाना पड़ता है। *पति-पत्नी साथ-साथ – समाज सुधार।*
4. *'रोजगार योजना':* हिट कंपनी, मॉर्टिन कंपनी, पेस्ट कंट्रोल वाले – सबको रोजगार इन्होंने ही दिया है।
*5. विदेशी घुसपैठ पर बयान*
अमेरिका का कॉकरोच बोला "We are bigger"।
अपने वाला बोला *"साइज मैटर नहीं करता, खौफ मैटर करता है। तुम्हें देखकर वहां की बीवी कुर्सी पर नहीं चढ़ती, हमारी वाली चढ़ती है"*।
*राष्ट्रवाद की जीत हुई।*
*6. जनता से अपील*
महाराज का राष्ट्र के नाम संदेश:
"मितरों, मैंने ना घोटाला किया, ना दंगा करवाया। मैंने सिर्फ एक काम किया – *तुम्हें डराया*।
और इस डर से तुम्हारे घर में एकता आई, पति को इज्जत मिली, हिट की बिक्री बढ़ी, GDP में योगदान दिया।
अब बोलो, *मुझसे बड़ा राष्ट्रभक्त कौन?*"
*निष्कर्ष:*
पहले हम कहते थे "हमारा देश महान"।
अब कहना पड़ेगा *"हमारा देश महान, और कॉकरोच यहां का किसान"*।
क्योंकि वो ही है जो बिना बोए, बिना जोते, हर घर में फसल उगाता है – *दहशत की फसल*।
* और हाँ शायद, आगे आने वाले सालों में 15 अगस्त को लाल किले से नहीं, *आपकी रसोई के सिंक से भाषण होगा*।
थीम: *"विकसित भारत के विकसित कॉकरोच"*।
और सारे देशवासी अपनी-अपनी कुर्सी/सोफे पर चढ़कर सुनेंगे।
- मिलन चौबे (शिक्षाविद) , जबलपुर
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