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काव्य : वो बचपन की बारिश - सरला मेहता , इंदौर




 वो बचपन की बारिश


बचपन की बातें चाहे पुरानी

 मौसम बारिश की वो कहानी

रिमझिम सी यादों में बरसती


पहली पहली सावन की बूंदे

सोंधी खुशबू माटी की महके

क्यों न विदाई ग्रीष्मा को दे दें


नहालो बच्चों, झट दादी बोली

अमृत बूंदों की है बात निराली

पानी में नाचो,रोग यूँ भगाओ


झरने नदियाँ पोखर उफनते

गलियों में बच्चे हैं छपछपाते

कागज़ की कश्तियाँ हैं चलाते


चाची के चूल्हे पे चढ़ी कढ़ाई

पालक पकोड़े गुलगुले भाई

चटनी चटपटी है माँ ने बनाई

- सरला मेहता , इंदौर


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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