अंतर्राष्ट्रीय सिंधी गायक श्री सतराम रोहड़ा के निधन पर सिंधी समाजजनों ने किये श्रध्दा सुमन अर्पित
खंडवा।। भारतीय फिल्म निर्देशक और अंतर्राष्ट्रीय सिंधी गायक श्री सतराम रोहड़ा का मुंबई में गुरूवार को 85 वर्ष में निधन हो गया। श्री रोहड़ा के निधन पर सिंधी समाजजनों ने श्रध्दा सुमन अर्पित किये। यह जानकारी देते हुए श्री झुलेलाल नवयुवक मंडल प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि श्री सतराम रोहड़ा का जन्म 16 जून 1939 को सखर, सिंध में हुआ था। वे प्रतिभा के धनी भारतीय फिल्म निर्देशक और गायक हैं। उन्होंने कई उल्लेखनीय सिंधी और हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया था, जिनमें सिंधी फ़िल्म हाल त भजी हालू (1984), शेरा डाकू और सर्वाधिक लोकप्रिय धार्मिक फिल्म जय संतोषी मां शामिल हैं। फिल्मी पर्दे पर जय संतोषी मां आई तो पूरे देश में ऐसा भक्ति भाव पैदा हुआ। स्त्री हो या पुरुष, बच्चे हो या बुजुर्ग सभी में शुक्रवार का व्रत रखने की लहर चल पड़ी। फिल्म के गीत जय मां संतोषी…मदद करो हे संतोषी माता… यहां वहां जहां-तहां है संतोषी मां अपनी संतोषी मां…. सब दूर बजते थे। श्री सतराम रोहड़ा जी को हिंदी सिनेमा में ऐसी महान धार्मिक फिल्म के निर्माण का श्रेय जाता है। उन्होंने कवि प्रदीप, गायक महेंद्र कपूर सहित सभी का सहयोग जुटाया। श्री सतराम रोहड़ा बहुमुखी रंगमंच कलाकार थे। वे सिंधी 'सूफी कलम' लोकगीतों और हास्य गीतों के प्रसिद्ध गायक थे। वे अपने श्रोताओं को घंटों तक मंत्रमुग्ध रखते थे। उन्होंने 'कलाकार मंडल' (प्रसिद्ध लेखक और नाटककार श्री गोबिंद मल्ही द्वारा स्थापित) के बैनर तले कोकिला कंठी प्रसिद्ध गायिका भगवंती नावानी के साथ मिलकर सिंधी श्रोताओं को दिल को छू लेने वाले सैकड़ों लोकगीतों और सिंधी 'भगत' (गीत, नृत्य और लोककथा का मिश्रण) से मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका मंच पर उपस्थित होना सफलता का पर्याय माना जाता था। छत्तीसगढ़ का दुर्ग उनका ससुराल था, इस वजह यहाँ उनका आना जाना लगा रहता था। श्री रोहड़ा के निधन पर श्री झुलेलाल नवयुवक मंडल संरक्षक नंदलाल भोजवानी, मोहन दीवान, धर्मदास उधलानी, घनश्यामदास संतवानी, किशनचंद कोटवानी, रवि गिदवानी, जितेंद्र उदासी, पवन डेम्बरा, राम वासवानी, श्री झुलेलाल समर्थ पैनल के प्रदीप कोटवानी, राहुल गेलानी, मुरली डोडानी, गिरीश वासवानी, रजत मंगवानी, दीपू हिंगोरानी, अनिल सबनानी, विक्रम सहजवानी, प्रदीप मोटवानी, कैलाश गोस्वामी, निर्मल मंगवानी, गिरीश नैभनानी आदि समाजजनों व्दारा श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए साईं झूलेलाल जी से प्रार्थना की है की उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
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