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अल्पविराम शांति का दरवाजा है : एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यक्रम आयोजित


 अल्पविराम शांति का दरवाजा है : एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यक्रम आयोजित

 इटारसी । नर्मदापुरम जिले के ब्लॉक पिपरिया में एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यक्रम स्वास्थय विभाग की आशा कार्यकर्ताओं, एन एम, के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन  स्वास्थ्य विभाग के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी , बी सी एम राम गोपाल साहू जी दीपक जी और आनंद विभाग नर्मदापुरम  टीम के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आनंदम सहयोगी शिवम शर्मा ने किया। मास्टर ट्रेनर सुमन सिंह ने आनंद विभाग के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वयं से स्वयं की मुलाकात करने का माध्यम है अल्पविराम और यह अवसर हमे आनंद विभाग देता है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लोगों मे नकारात्मक भाव को कम करने एवं  जीवन में खुशहाली लाने और परिपूर्ण आनंदमयी जीवन जीने के लिए आनंद विभाग का  गठन किया गया है, जिससे जुड़कर हम अपने भीतर छिपी कमियों की पहचान कर उनमें सुधार कर सकते हैं और अपने जीवन में निरंतर इस्तेमाल किया जा सकता है। जीवन का लेखा जोखा पर कुछ प्रश्नों के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों  को अपने आप से जोड़ने का प्रयास किया गया| मास्टर ट्रेनर गणेश कनाडे ने रिश्तों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सबका ध्यान एक रिश्तो का चार्ट बनाकर  खींचा कि हम किस तरह से समझ सकते हैं कि हमारी जिंदगी में जितने भी रिश्ते हैं उनमें कौन सा रिश्ता सबसे प्यारा है और कौन सा रिश्ता हमारा बिखरा हुआ है तो जो बिखरा हुआ रिश्ता हमको नजर आए तो किस तरह से हम अपने रिश्ते को  भी सुंदर बनाकर अपने जीवन को आनंदित कर सकते हैं अल्पविराम के माध्यम से सुधार किए जाने पर अपने अनुभव साझा किए। अल्पविराम के द्वारा माफी मांग कर या दिल से माफ करके और अपनी ओर से पहल कर बिगड़े रिश्तों को ठीक किया जा सकता है। आशा कार्यकर्ताओं ने भी अपने अनुभव बताए। इस दौरान आनंदम सहयोगी  आशा रघुवंशी ने कहा कि आनंद विभाग के अल्पविराम कार्यक्रम से मुझे स्वयं को भी बहुत कुछ सीखने को मिला। इस तरह के कार्यक्रमो की समाज के लिए आवश्यकता है। कई आशा अपने विचार रखते हुए भावुक हो गई और उन्होंने ये प्रण लिया कि आगे का जीवन हम अल्प विराम के सहयोग से और बेहतर बनाएंगे। इस मौके पर ओम पटेल, कपिल रघुवंशी, पूजा, देवेंद्र आदि उपस्थित थे|

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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