काव्य :
रंगोली अब द्वार सजाओ
आया दिवाली का त्योहार
कई दिनों से करके सफाई
हो गया चमक उठा घर द्वार
मिठाई भी बन गई सारी
अब हो जाओ तैयार
वन्दन वार से सजी चोखट
चोक अभी है बाकी
फूल और रंग लेकर
रांगोली अब सजाओ
लक्ष्मी मैया के स्वागत में
आंगन मे रंगोली बनाओं
दीपों से कर रोशनी
मंगल आरती गाओ
रंगोली अब द्वार सजाओ
- चन्दा डांगी रेकी ग्रेंडमास्टर
मंदसौर मध्यप्रदेश
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