ad

कवि कला संगम परिवार व्दारा हुआ दशहरा मिलन एवं पुस्तक का विमोचन


 कवि कला संगम परिवार व्दारा हुआ दशहरा मिलन एवं पुस्तक का विमोचन

खंडवा।। कवि कला संगम परिवार (ककस) के तत्वावधान में रविवार को रामेश्वर रोड़ स्थित उपमन्यु हाल में साहित्यकारों का दशहरा मिलन एवं  बोधकथा संग्रह नामक पुस्तक का विमोचन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। ककस प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ जगदीशचन्द्र चौरे, विशिष्ठ अतिथि जयश्री तिवारी, सन्तोष चौरे एवं अरुण सोनी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंधी साहित्यकार निर्मल मंगवानी ने की। कार्यक्रम का आरंभ भगवान श्री गणेश जी के फोटो पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। ककस संस्थापक सुनील चौरे उपमन्यु ने उपस्थित सभी सदस्यो को तिलक लगा कर स्वागत कर कहा कि हम बुराई को छोड़ अच्छाई को अपनाएं एवं मिलन सरिता का माहौल परिवार में, देश मे व्याप्त करे। साथ ही निर्मल मंगवानी के स्वस्थ्य सानन्द होने पर प्रभु को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों व्दारा श्रीमती सीता जोशी द्वारा लिखित एवं जयश्री तिवारी के सहयोग से प्रकाशित "बोधकथा संग्रह" का विमोचन भी द्वारा किया गया। इस अवसर पर जयश्री तिवारी ने कहा कि सीता जोशी 99 वर्ष की है तथा उनकी इच्छा थी कि उनकी पुस्तक प्रकाशित हो। इस पुस्तक का प्रकाशन रंग संस्कृति भोपाल यतीन्द्र अत्रे प्रकाशक से हुआ। इसमें उपमन्यु की महत्वपूर्ण भूमिका बहुत रही। उपस्थित साहित्यकारों में भूपेंद्र मौर्य, तारकेश्वर चौरे, देवेन्द्र जैन, नितिन बिवाल, गोपाल नायक, योगिता राजपूत, कविता विश्वकर्मा, मंगला चौरे, दीपक चाकरे ने दशहरे की शुभकामनाएं दे कर रावण पर कविता सुनाई। वही विशिष्ठ अतिथि अरुण सोनी (पेंशनर एसोशिएसन के अध्यक्ष) ने कहा कि हम सब अपने अंदर के रावण को निकाल कर अपने पर विजय हासिल करे। सन्तोष चौरे चुभन ने वक्तव्य देते हुए शरद पूर्णिमा के दोहे सुनाए। मुख्य अतिथि डॉ. जगदीशचंद्र चौरे ने कहा कि ककस का हर कार्यक्रम लाजवाब होता है एवं ककस की गूंज पूरे नगर में होती है। निर्मल मंगवानी अपने उद्बोधन में कहा कि दस मुंह वाले का दहन कर दशहरा प्रति वर्ष मनाया जाता है। हम सब सदैव पूरे वर्ष सच्चाई पर चले, बुराई को त्यागे। इस अवसर पर सभी को संस्थापक उपमन्यु द्वारा प्रतीक चिन्ह स्वरूप रुमाल भेंट किए गए। संचालन भूपेंद्र मौर्य एवं आभार तारकेश्वर चौरे ने माना।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post