अशोक रजक को खोरठा भाषा से जेआरएफ में मिली सफलता
धनबाद - बिनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद में पीएच. डी कर रहे छात्र अशोक कुमार रजक ने यूजीसी में नेट/जेआरएफ - 2024 की परीक्षा में जेआरएफ में सफलता पाया है। और जिला बोकारो चास प्रखंड, बिजुलिया - पंचायत के टुघरी गांव के निवासी साधु चरण रजक व पुतुल देवी के सबसे छोटे पुत्र है। अशोक कुमार रजक का शोध विषय है "खोरठा भाषा के विकास में कोयलांचल के हिंदी एवं खोरठा साहित्यकारों का योगदान। इनके है. शोध निदेशक है डॉ आशीष कुमार सहायक प्राध्यापक, कतरास कॉलेज कतरास । महावीर उच्च विद्यालय बिजुलिया बोकारो से मैट्रिक, इंटर व स्नातक चास कॉलेज चास ,बीएसटी कॉलेज बोकारो से बीएड तथा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रांची से M.A (खोरठा) किया है। अशोक का मातृभाषा खोरठा रहा, खोरठा गाना का बहुत बड़ा प्रेमी है। जब वह विनय तिवारी के साथ मिला तो वहीं से प्रेरणा मिली कि हमको खोरठा भाषा की पढ़ाई करना चाहिए ।अशोक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ, कोयलांचल विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह, डॉ. रीता सिंह सहित डॉ. मुकुंद रविदास को दिया है पिछले दो वर्षों से लगातार डॉ. आशीष कुमार एवं डॉ मुकुंद रविदास के दिशा निर्देश में इसकी तैयारी कर रहा था। अशोक ने इस सफलता से चंदनक्यारी सहित झारखंड के सभी खोरठा भाषियों का नाम रोशन किया है। इस वर्ष खोरठा भाषा में मात्र एक ही प्रतिभागी का चयन हुआ है। खोरठा भाषा के सभी शिक्षकों ने कहा है कि इसकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य विद्यार्थी भी अपने सपनों को पूरा करेंगे। बधाई देने वालों में रांची विश्वविद्यालय खोरठा भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शशि कुमारी श्यामा प्रसाद मुखर्जी से विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार, डॉ. अनाम ओहदार विभागाध्यक्ष राधा गोबिंद विश्वविद्यालय, डॉ. दिनेश दिनमणि, डॉ. रितु घासी, डॉ. रिया डे (सभी रांची विश्विद्यालय के सहायक प्राध्यापक संदीप कुमार महतो, विनय तिवारी खोरठा गीतकार,साहित्यकार, सभी जे आर एफ शोधार्थियों ने बधाई दी है।
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