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काव्य : विधा दोहे - श्रीमती श्यामा गुप्ता दर्शना भोपाल


 काव्य : 

विधा दोहे


प्रीति भरा त्योहार यह,

    अनुपम लगता आज।

भ्रात भगिनी साथ करें,

    जी भरकर सब नाज।।1।।


यम द्वितिया का दिवस यह,

   पावन,परम , पुनीत।

रोली ,कुमकुम तिलक से,

    बहन निभाये रीत।।2।।


भैया तेरे द्वार पर,

    हो भगिनि का सत्कार।

नेह भरे हर स्नेह की,

    बहती हो रसधार।।3।।


कर कामना मंगल की,

  मन से करे पुकार।

यश वैभव सब ही बढ़ें,

    सुखमय  हो संसार।।4।।


रिश्तो की बगिया सजे,

   अमिट रहे यह प्यार।

करती मंगल कामना,

    आती रहें बहार।।5

-  श्रीमती श्यामा  गुप्ता दर्शना भोपाल

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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