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काव्य : कभी किसी की की निंदा ना करें -सलमान 'सूर्य', बागपत,उत्तरप्रदेश


 काव्य : 

उपदेश- कभी किसी की की निंदा ना करें।


इन्सानियत के वास्ते हाथ अपने आगे तो बढ़ाएँ।

एक दूसरे के प्रति ईर्ष्या,द्वेष एवं बैर को मिटाएँ।।


कभी किसी की निंदा ना करें, बुराई से सदा बचें।

सदा नेक राह पर चलें, सभी को बस यही *बताएँ*।


दूसरों के सुख-दुःख में सदैव साथ रहना सीखें।

कभी किसी की भी भावना को ठेस न पहुँचाएँ।।


कर्म धरम से भी श्रेष्ठ है, अत: शुभ कर्म करते रहें।

फल की चिंता न करें, कब नियति के दास हो जाएँ।।


सदा-सत्य पथ पर चलें, जीवन में प्रयास करें।

औरों पर उपकार करें, हम परोपकारी कहलाएँ।।


कभी भी अपशब्द का ज़वाब अपशब्द से ना दें।

सबका आदर करें, स्वयं को भी संस्कारी बनाएँ।।


मनुष्य का स्वभाव सदा सरल एवं निर्मल ही हो,

संसार में हमारे कभी कोई *'सूर्य'* शत्रु न हो जाएँ।।


- सलमान 'सूर्य', बागपत,उत्तरप्रदेश भारत।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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