आदिवासी बालिका छात्रावास में अंतरराष्ट्रीय सहिष्णता दिवस मनाया
इटारसी । राज्य आनंद संस्थान नर्मदापुरम द्वारा इटारसी के आदिवासी बालिका छात्रावास में अंतरराष्ट्रीय सहिष्णता दिवस मनाया गया| बालिकाओं को मास्टर ट्रेनर सुमन सिंह के द्वारा बताया गया की 16 नवंबर 1995 से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई जिसका उद्देश्य संपूर्ण विश्व में शांति और आपसी सामंजस्य बनाए रखना था|अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस एक वार्षिक पालन दिवस है जिसे 1995 में यूनेस्को द्वारा असहिष्णुता के खतरों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने के लिए घोषित किया गया था| आनंदक सहयोगी और वक्ता अर्चना गौर ने भी एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि जैस हम दैनिक दिनचर्या मे अपना धैर्य खो बैठते हैं और कुछ गलत निर्णय ले लेते हैं जिससे हमारे भविष्य में उनका गलत प्रभाव पड़ता है, बिल्कुल इसी तरह से हमारे देशों के बीच में भी अगर धैर्य और अहिंसा को छोड़ दें तो एक हिंसात्मक व्यापक रूप ले सकता है इसी को कम करने के लिए आपसी सामंजस्य के लिए प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है| धैर्य, सहनशक्ति हमारी आपसी शांति के लिए बहुत जरूरी है इसलिए इसको हमें अपने अंदर बढ़ावा देना चाहिए| इस अवसर पर हॉस्टल अधिक्षिका ज्योति शुक्ला, निधि शर्मा प्रमोद पुरबिया, नीरज साहू उपस्थित थे।

