सद्गुरु का दिखाया मार्ग ही सच्चा मुक्ति-मार्ग है:आचार्य महेश दत्त त्रिपाठी
सद्गुरु कबीर-धाम परिसर सागर में कवि-सम्मेलन संपन्न
सागर । सद्गुरु कबीर धाम परिसर सागर में कबीर दर्शनाचार्य महंत रामजीवन दास शास्त्री जी के सानिध्य में चल रहे "पांच दिवसीय आध्यात्मिक साधना सत्संग शिविर" में संत श्री रामजीवन दास जी के सानिध्य एवं कवि महेश दत्त त्रिपाठी ,अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के संयोजन में विराट कवि-सम्मेलन संपन्न हुआ।जिसमें सर्वप्रथम समिति के सदस्यों द्वारा उपस्थित कवियों क्रमश: देवीसिंह राजपूत, प्रभात कटारे,डाॅ.महेन्द्र कुमार खरे, अशोक तिवारी"अलख", पुष्पेन्द्र दुबे"कुमार सागर, कपिल चौबे,संतोष श्रीवास्तव "विद्यार्थी",वृन्दावन राय "सरल",अरुण दुबे"अरुण", पी.आर.मलैया, डाॅ.नलिन"निर्मल", मुकेश तिवारी एवं आचार्य महेश दत्त त्रिपाठी जी का तिलक लगाकर पुष्पमाला,अंगवस्त्रम् ,एवं सद्गुरु के संदेशों से ओतप्रोत साहित्य पुस्तक-समूह भेंट कर स्वागत किया।
कवि-सम्मेलन के आरंभ में कवि डाॅ.नलिन"निर्मल" ने वाग्देवी मां सरस्वती का आराधन/आह्वान अपनें मधुर स्वरचित शब्द-पुष्पों द्वारा किया। मंच-संचालन के गुरुतर दायित्व का सक्षम-निर्वहन भी डाॅ. नलिन"निर्मल द्वारा किया गया।
तत्पश्चात उपस्थित कविगणों ने अपने धार्मिक,आध्यात्मिक एवं सद्गुरु के संदेशों से ओतप्रोत सृजित छंंदबद्ध,गीत,ग़जल काव्य-पाठ द्वारा,देश के कोंनें कोंनें से आए सद्गुरु कबीर साहेब के श्रद्धालु भक्त-श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर आश्रम के संत श्री अर्जुन दास साहेब, प्रीतम सिंह राजपूत,नीरज ठाकुर, बलवीर सिंह,हरनाम सिंह,आनंद गुरु,छपारा के मुकेश महेंद्र अवधिया,संतोष तंतुवाय,मुन्नालाल मुनीम आशीष सिंह,आनंद ठाकुर, गजेंद्र सिंह गोरा ,शिवम सहित विभिन्न प्रातों से आए भक्त/श्रद्धालु,शहर के गण्यमान्य नागरिकों ने कविताओं की आनंद लिया।सद्गुरु कबीर ट्रस्ट कमेटी के ट्रस्टी आर.जी.ठाकुर ने कविगण व श्रोता समूह के प्रति आभार व्यक्त किया ।
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