जैनधर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया
अनंत कालीन भक्तामर महामण्डल विधान को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ जैनधर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया। वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में सुबह भारी संख्या में श्रद्धालु केसरिया और पीत वस्त्र धारण कर मंदिर जी पहुंचे जहाँ नित्यमय अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान के उपरांत जैनधर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया। वहीं जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज की मंगलमय प्रेरणा से चतुर्दशी से आयोजित अनंत कालीन भक्तामर महामण्डल विधान को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। सायं काल की बेला में णमोकार महामंत्र का पाठ एवं मंगल आरती का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा भगवान नेमीनाथ स्वामी ने आषाढ़ शुक्ल सप्तमी को गुजरात के गिरनार पर्वत से निर्वाण पद को प्राप्त किया था।कार्यक्रम में भारतीय जैन मिलन बहु मण्डल एवं वासुपूज्य जिनालय शाखा और सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा एवं आभार व्यक्त मंदिर समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन विरधा ने किया।
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