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पश्चिम म.प्र. में सूर्य किरणों से बिजली अब 25250 स्थानों पर : मंदसौर जिले में 670 सोलर संयंत्र लगाए गए


पश्चिम म.प्र. में सूर्य किरणों से बिजली अब 25250 स्थानों पर : मंदसौर जिले में 670 सोलर संयंत्र लगाए गए

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर । सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम म.प्र. में अच्छा कार्य हुआ है। इस 12 फरवरी की स्थिति में पश्चिम म.प्र. यानि मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानि सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है। पश्चिम म.प्र. में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है।

पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम म.प्र. में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन प्रारंभ किया है। उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं।

*कहां कितने सोलर संयंत्र*

इंदौर शहर सीमा में 13800, उज्जैन जिले में 2525, देवास जिले में 1015, रतलाम जिले में 1060, खरगोन जिले में 1050, नीमच जिले में 680, मंदसौर जिले में 670 और बड़वानी जिले में 650 सोलर संयंत्र हैं।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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