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रविरथी हिंदी साझा काव्य संकलन का झारखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री रविन्द्र नाथ महतो ने किया विमोचन


रविरथी हिंदी साझा काव्य संकलन का झारखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री रविन्द्र नाथ महतो ने किया विमोचन 

राँची -- देवघर के युवा कवि रवि शंकर साह के कुशल सम्पादन व खोरठा के मशहूर गीतकार विनय तिवारी के सह सम्पादन में प्रकाशित साझा काव्य संकलन रविरथी का आज रांची के विधानसभा भवन में  विधानसभा अध्यक्ष श्री रविन्द्र नाथ महतो  नें विमोचन किया। इस अवसर पर श्री महतो ने कहा कि कविता साहित्य की एक विधा है। कविता कवि की सौन्दर्यानुभूति की अभिव्यक्ति है।

      झारखण्ड के कवि व लेखक अपनी रचनाओं से झारखण्ड का नाम रोशन कर रहे है। झारखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नही है। चाहे खेल हो, संगीत हो,सिनेमा हो या साहित्य। हर क्षेत्र में यहां के लोग अव्वल आते है। इस संकलन के जितने सह रचनाकार है उन्हें बधाई। *सत्तारूढ़ दल के सचेतक एवं टुंडी के विद्यायक श्री मथुरा महतो* ने कहा कि कविता लिखते समय जिस भाव के साथ लिखी जाती है, यदि पढ़ने वाला भी उसे उसी अर्थ और भाव के साथ उसे समझ सके तो कविता लिखने का उद्देश्य सार्थक हो जाता है"। सम्पादक रवि शंकर साह ने बताया कि

 रवि रथी' एक साझा काव्य संग्रह है। यह 15 रचनाकारों की कुल 75 मार्मिक कविताओं से सुसज्जित है। इस संग्रह में झारखण्ड के  नए - पुराने रचनाकार शामिल हैं। इसका प्रकाशन साहित्य समागम भारत के बैनर तले प्राची डिज़िटल पब्लिकेशन, मेरठ के द्वारा प्रकाशित किया गया है।  यह अद्वितीय काव्य संग्रह पाठको अवश्य पसंद आएगा। सह सम्पादक  एवं मशहूर खोरठा साहित्यकार, गीतकार विनय तिवारी ने कहा कि इस काव्य संग्रह की सभी कविताएं पठनीय व संग्रहनीय है। कविता में लय है, ताल है, आनन्दमय दोहराव है, शब्दों और। जो सभी को सहज ही आकर्षित करता है। विनय तिवारी पिछले ढाई दशक से हिंदी एवं खोरठा गीत,कविता,पटकथा लेखन एवं निर्देशन का कार्य कर रहे है। खोरठा पत्रिका परासफूल के सलाहकार संपादक एवं आवाज7 डेज़ ई अखबार के क्षेत्रीय भाषा के संपादक भी है ।

 इस अवसर पर मैं हूँ झारखण्ड के लेखक देव कुमार , इस संग्रह के सह रचनाकार मो0 फिरोज आलम , युवा नेता रुपेश तिवारी, सौरभ तिवारी, अर्जुन महतो, राजेश महतो, इकरामूल हक  सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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