ज्ञान पोस्ट योजना.. शैक्षिक पहुँच के लिए बढ़ते डाक व्यय पर नियंत्रण
- विवेक रंजन श्रीवास्तव भोपाल
भारत सरकार ने शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पुस्तकों को किफायती दरों पर पोस्ट ऑफिस से भेजने के लिए मई 2025 से ज्ञान पोस्ट योजना की शुरुआत की है। इस पोस्टल योजना का उद्देश्य दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में ज्ञान के प्रसार को सुलभ बनाना है । यह सेवा भारतीय डाक विभाग के विशाल नेटवर्क का उपयोग करती है, जिससे यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ:
- पुस्तकों के पार्सल का वजन 300 ग्राम से 5 किलोग्राम तक हो सकता है।
डाक शुल्क 20 रुपये (300 ग्राम) से शुरू होकर 100 रुपये (5 किलो) तक है। यह सामान्य पार्सल सेवा की तुलना में 80-90% सस्ता है ।
केवल गैर-वाणिज्यिक शैक्षिक सामग्री जैसे पाठ्यपुस्तकें, शोध पांडुलिपियाँ, या धार्मिक पुस्तकें इसके द्वारा भेजी जा सकती हैं।
वाणिज्यिक प्रकाशन या विज्ञापन युक्त सामग्री इसके दायरे से बाहर है ।
ज्ञान पोस्ट के सभी पार्सल में ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध है, जिससे भेजने वाले और प्राप्तकर्ता वास्तविक समय में पार्सल के स्थान की जानकारी रह सकती हैं ।
पार्सल पर "ज्ञान पोस्ट योजना"लिखना अनिवार्य है ताकि इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधित किया जा सके । यह सेवा देश के सभी डाकघरों में उपलब्ध है।
पार्सल या स्पीड पोस्ट की तरह ही तेज़ी से प्रोसेस किए जाते हैं, लेकिन लागत कम रखी गई है । इस प्रकार ज्ञान पोस्ट योजना भारत में ज्ञान के प्रसार की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
लेखक , शिक्षक, छात्र , धार्मिक साहित्य के पाठक , वितरक , प्रकाशन उद्योग सभी इसका लाभ उठा सकते हैं।
विवेक रंजन श्रीवास्तव भोपाल
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