श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर में चल रहे पार्थिव द्वादश ज्योतिर्लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का समापन
श्री धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग रूद्राभिषेक के साथ बारह दिवसीय कार्यक्रम का विश्राम हुआ
इटारसी । श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लक्कड़गंज इटारसी में पिछले 12 दिनों से चल रहे पार्थिव द्वादश ज्योतिर्लिंग का रुद्राभिषेक एवं पूजन हवन के साथ समाप्त हुआ ।
आखिरी दिन श्री धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग के पूजन एवं रूद्राभिषेक के साथ चल रहे पार्थिव ज्योर्तिलिंग पूजन एवं रूद्राभिषेक का विश्राम हो गया।
यजमान अमित दीपमाला मौर्य,संकल्प मौर्य के द्वारा घृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग के पार्थिव ज्योर्तिलिंग का पूजन एवं रूद्राभिषेक किया गया।
मुख्य आचार्य पं.विनोद दुबे,आचार्य पं.सत्येंद्र पांडेय,एवं आचार्य पं.पीयूष पांडेय के द्वारा पूजन एवं रुद्राभिषेक कराया जा रहा था।
12 दिवसीय आयोजन के विश्राम दिवस पर पंडित विनोद दुबे ने प्रवचन देते हुए कहा कि शिव ही ब्रम्हा और विष्णु है। शिव साक्षात परम सत्य है। शिव शून्य है तो शिव अनंत भी है।
शिव के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है चाहे देवता हो या मानव बिना शिव पूजन के किसी का उद्धार नहीं हुआ। सावन मास में शिव पूजन का विशेष फल मिलता है।
पं. विनोद दुबे ने द्वादश ज्योर्तिलिंग पूजन और अभिषेक के साथ विश्राम समारोह के अवसर पर भगवान धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग की महिमा बताते हुए कहा कि
श्री धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग की महिमा और इतिहास काफी पुराना है।इस ज्योर्तिलिंग के दर्शन बिना बारह ज्योर्तिलिंग की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
इसलिए भक्त यहां अवश्य आते है।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से पश्चिम की ओर 30 किलोमीटर दूरी पर वेरूल गांव के समीप शिवालय नाम के तीर्थ स्थान पर धृष्णेश्वर दिव्य ज्योर्तिलिंग है।
यहां पर कालांतर में नाग पूजक आदिवासियों की वस्ती थी। नाग जमीन में जिस स्थान पर रहते है उसी स्थान को बाबी पहले है। समय चलते यह नाम वारूल और फिर वेरूल हो गया।
मुख्य आचार्य पं. विनोद दुबे ने उक्त ज्योर्तिलिंग की कई कथाएं अलग-अलग ढंग से विस्तार से बताई और कहा कि यहां पर शिवजी का वास है क्योंकि इस लिंग की स्थापना माता पार्वती ने की थी।
इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसी महिला हिंदू रानी थी जिन्होंने देश के बारह ज्योर्तिलिंग का समय-समय पर जीर्णोद्धार कराया उसमें धृष्णेश्वर भी एक था।
पार्थिव द्वादश ज्योर्तिलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का विश्राम हवन एवं आरती के साथ बुधवार को श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लकड़गंज इटारसी में हो गया।
श्री पार्थिव द्वादश ज्योर्तिलिंग के 12 दिवसीय अनुष्ठान का शाम 5ः30 बजे विश्राम हो गया है। और उसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
मंदिर समिति की ओर से अध्यक्ष प्रमोद पगारे सचिव जितेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष दीपक जैन उपाध्यक्ष अमित मौर्य, सुनील दुबे शिक्षक सुरेंद्र राजपूत ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी भक्तों को धन्यवाद दिया।
यजमान अमित दीपमाला मौर्य,संकल्प मौर्य के द्वारा घृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग के पार्थिव ज्योर्तिलिंग का पूजन एवं रूद्राभिषेक किया गया।
मुख्य आचार्य पं.विनोद दुबे,आचार्य पं.सत्येंद्र पांडेय,एवं आचार्य पं.पीयूष पांडेय के द्वारा पूजन एवं रुद्राभिषेक कराया जा रहा था।
12 दिवसीय आयोजन के विश्राम दिवस पर पंडित विनोद दुबे ने प्रवचन देते हुए कहा कि शिव ही ब्रम्हा और विष्णु है। शिव साक्षात परम सत्य है। शिव शून्य है तो शिव अनंत भी है।
शिव के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है चाहे देवता हो या मानव बिना शिव पूजन के किसी का उद्धार नहीं हुआ। सावन मास में शिव पूजन का विशेष फल मिलता है।
पं. विनोद दुबे ने द्वादश ज्योर्तिलिंग पूजन और अभिषेक के साथ विश्राम समारोह के अवसर पर भगवान धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग की महिमा बताते हुए कहा कि
श्री धृष्णेश्वर ज्योर्तिलिंग की महिमा और इतिहास काफी पुराना है।इस ज्योर्तिलिंग के दर्शन बिना बारह ज्योर्तिलिंग की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
इसलिए भक्त यहां अवश्य आते है।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से पश्चिम की ओर 30 किलोमीटर दूरी पर वेरूल गांव के समीप शिवालय नाम के तीर्थ स्थान पर धृष्णेश्वर दिव्य ज्योर्तिलिंग है।
यहां पर कालांतर में नाग पूजक आदिवासियों की वस्ती थी। नाग जमीन में जिस स्थान पर रहते है उसी स्थान को बाबी पहले है। समय चलते यह नाम वारूल और फिर वेरूल हो गया।
मुख्य आचार्य पं. विनोद दुबे ने उक्त ज्योर्तिलिंग की कई कथाएं अलग-अलग ढंग से विस्तार से बताई और कहा कि यहां पर शिवजी का वास है क्योंकि इस लिंग की स्थापना माता पार्वती ने की थी।
इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसी महिला हिंदू रानी थी जिन्होंने देश के बारह ज्योर्तिलिंग का समय-समय पर जीर्णोद्धार कराया उसमें धृष्णेश्वर भी एक था।
पार्थिव द्वादश ज्योर्तिलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का विश्राम हवन एवं आरती के साथ बुधवार को श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लकड़गंज इटारसी में हो गया।
श्री पार्थिव द्वादश ज्योर्तिलिंग के 12 दिवसीय अनुष्ठान का शाम 5ः30 बजे विश्राम हो गया है। और उसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
मंदिर समिति की ओर से अध्यक्ष प्रमोद पगारे सचिव जितेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष दीपक जैन उपाध्यक्ष अमित मौर्य, सुनील दुबे शिक्षक सुरेंद्र राजपूत ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी भक्तों को धन्यवाद दिया।
Tags:
समाचार
.jpg)
