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काव्य : मेरे शहर की सड़क - डाॅ. सुधा कुमारी दिल्ली


 काव्य : 

मेरे शहर की सड़क


एक अरसा पहले 

ये सड़क कहीं पहुंचती थी,

अब तो भागीरथी-सी

खड्ढों में ही रुक जाती है।


अस्थि-पंजर जगह-जगह 

निकल आये इस तरह 

कि आइने में खुद को 

पहचान नहीं पाती है।


अपनी दीन दुर्दशा पर

सुन-सुनकर ताने,

मेरे शहर की सड़क 

रोज आंसू बहाती है।


कब कोई भगीरथ-सा

दृढ़संकल्प आयेगा,

दुखों से मुक्त कर इसे 

अपनी जगह पहुंचायेगा?


-डाॅ. सुधा कुमारी

दिल्ली

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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