नर्मदा जल पर 1650 दिनों के तपस्वी दादा गुरु का इटारसी में आगमन 20 कोइटारसी। आध्यात्मिक और पर्यावरणीय चेतना के प्रतीक, दादा गुरु, का इटारसी में प्रथम आगमन होने जा रहा है। 20 सितंबर, शनिवार को दोपहर 3 बजे, दादा गुरु का स्वागत और अभिनंदन द्वारकाधीश तुलसी चौक बड़ा मंदिर में किया जाएगा। यह एक ऐसा अवसर है जो न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है।
तपस्या और नर्मदा नदी से संबंध
दादा गुरु अपनी कठोर तपस्या के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं। उन्होंने 1650 से अधिक दिनों से केवल नर्मदा नदी के जल पर जीवित रहने का संकल्प लिया है। उनकी इस अविश्वसनीय तपस्या ने कई लोगों को आश्चर्यचकित किया है। वे पिछले 37 महीनों से केवल नर्मदा जल का सेवन कर रहे हैं और इस दौरान 3800 किलोमीटर की पैदल नर्मदा यात्रा भी पूरी कर चुके हैं।
उनकी इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और नर्मदा नदी को बचाने के लिए जागरूकता फैलाना है। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य पर शोध किया है और पाया है कि उनका शरीर विज्ञान और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) सामान्य है, जो उनकी तपस्या की अद्भुत शक्ति को प्रमाणित करता है।
इटारसी में स्वागत की तैयारी
दादा गुरु के इटारसी आगमन को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। यह पहला मौका है जब वे इटारसी आ रहे हैं, और उनके दर्शन और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यह अवसर लोगों को दादा गुरु से मिलने, उनकी शिक्षाओं को समझने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके संदेश को आत्मसात करने का मौका देगा।
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