झारखण्ड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच का स्थापना दिवस संपन्न
राँची। झारखण्ड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच के तत्वावधान में 23 अगस्त 2026 को लालपुर स्थित होटल सिटी पैलेस में मंच का स्थापना दिवस, गोस्वामी तुलसीदास जयंती एवं सम्मान समारोह सोल्लास संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलन तथा रिंकू बनर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती एवं गणेश वंदना से हुआ।
समारोह में झारखण्ड के सूचना आयुक्त श्री अनुज कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. चन्द्रकान्त शुक्ल विशिष्ट अतिथि तथा राँची विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पांडेय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की।
मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, मुख्य वक्ता एवं मंच के संरक्षक विनय सरावगी को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच के संयुक्त सचिव डॉ. वैद्यनाथ मिश्र ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। मंच के सचिव विनोद सिंह गहरवार ने मंच की गतिविधियों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता के व्याख्यान के पश्चात सम्मान समारोह आयोजित हुआ। इसमें मंच के सदस्य श्रीकृष्णचन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. उर्मिला सिन्हा एवं रेणु झा ‘रेणुका’ को सृजनशील सम्मान तथा मंच के कोषाध्यक्ष कृष्णा विश्वकर्मा ‘बादल’ को विशिष्ट योगदान सम्मान से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त साहित्यकुंज की मनीषा सहाय ‘सुमन’ को सोनाली दासगुप्ता स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सोनाली दासगुप्ता की स्मृति में उनके पति एवं मंच के उपाध्यक्ष असित कुमार द्वारा प्रायोजित है।
मंच की ओर से अखिल भारतीय साहित्य परिषद की डॉ. राजश्री जयंती, वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की संगीता सहाय, शब्दकार के राजीव थेपरा, साहित्योदय की रूचिका रूद्राणी एवं जनवादी लेखक संघ के चन्द्रिका ठाकुर को साहित्यिक क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं विजय राजगढ़िया, मुक्ति शाहदेव, प्रणव प्रियदर्शी, रिंकू बनर्जी, पूनम वर्मा एवं आयन राय को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के बाद मंच के संरक्षक, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने अपने विचार व्यक्त किए। मंच के कार्यकारी अध्यक्ष एवं समारोह के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में गोस्वामी तुलसीदास की लोकप्रियता तथा उनके साहित्यिक अवदान की चर्चा करते हुए सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई दी।
समारोह का संचालन मुक्ति शाहदेव ने किया। मंच के उपाध्यक्ष असित कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
समारोह में मंच की उपाध्यक्ष डॉ. सुरिन्दर कौर नीलम, डॉ. गीता सिन्हा ‘गीतांजलि’, कामेश्वर सिंह ‘कामेश’, नेहाल हुसैन सरैयावी, ममता मनीष सिन्हा, शिवचन्द्र प्रसाद, राजीव शर्मा, हिमकर श्याम, वी. के. सहाय, कुमार बृजेन्द्र, नवेंदु उन्मेष, कल्याणजी झा ‘कनक’, निरंजन कुमार श्रीवास्तव, राज रामगढ़ी, डॉ. एन. के. पाठक ‘निराला’, संध्या चौधरी, संगीता कुजारा ‘टाक’, गुरुकमल सिंह जगदेव, संजय कुमार वर्मा, सुनीता अग्रवाल 'पिंकी', सूरज श्रीवास्तव, सुजाता प्रिय, सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’, कल्पना कुमारी सहित बड़ी संख्या में शहर के साहित्यप्रेमी, पत्रकार एवं मीडिया कर्मी उपस्थित थे।
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साहित्यिक समाचार
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