काव्य :
हिंदी से है हिंदुस्तान
हिंदी है हम सब का अभिमान,
हिंदी पर है सब कुर्बान
हिंदू वासियों की है जान,
आओ मिलकर बढ़ाएं मान,
करो सभी इसका सम्मान,
बढ़ाएं विदेशों में ,इसकी पहचान ,
क्योंकि *हिंदी से हैहिंदुस्तान*।।
जहां होता इसका अपमान,
करो बहिष्कार, लगा दो प्रान,
उन्नति शिखर भाषा की दुकान,
अपनायेगा हिन्दी, जब हर इंसान,
फैलेगी हिंदी भाषा प्रेमी, मुस्कान,
तभी बनेगी यह भाषा बलवान ,
क्योंकि *हिंदी से है हिंदुस्तान*।।
हिंदी का जब धरेंगे ध्यान,
देखेगी दुनिया ,होकर हैरान,
बन जाएगी, यह भाषा महान,
पूजे इस भाषा को, माने भगवान,
अपनाये इसे सभी, बूढ़े हो या जवान,
तभी होगा सबका कल्याण,
क्योंकि *हिंदी से है हिंदुस्तान*।।
हिंदी का सब करो सम्मान ,
वरना मिट जाएगा नामोनिशान,
दूजा नहीं कोई हिन्दी भाषा समान,
आज ले यह प्रण सब ठान,
हिन्द देश की, है यह शान,
सब मिल करे इसका जय गान,
क्योंकि *हिंदी से है हिंदुस्तान*।।
- नीता गुप्ता
रायपुर छत्तीसगढ़
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