ad

हिंदी,भारतीय भाषाओं के बीच संवाद की एक सेतुभाषा है - ऋषि कुमार शर्मा


हिंदी,भारतीय भाषाओं के बीच संवाद की एक सेतुभाषा है - ऋषि कुमार शर्मा

 भोपाल । अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच द्वारा हिन्दी पखवाड़े में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अहिन्दी भाषी साहित्यकारों का सम्मान व परिचर्चा का आयोजन  किया गया। इस अवसर पर अहिन्दी भाषी साहित्यकार सुश्री पारमिता षड़ंगी (ओड़िआ ), डॉ. विनीता राहुरिकर (मराठी) और डॉ. सबीहा रहमानी (उर्दू ) को सम्मानित किया गया। 

स्वागत वक्तव्य देते हुए अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष सुश्री संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि ..

"हिन्दी की स्वीकार्यता इसके लचीलापन, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और व्यापक उपयोग  प्रादेशिक और वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।"

परिचर्चा का विषय था, भारतीय भाषाओं में हिन्दी की स्वीकार्यता

इस  विषय पर बोलते हुए विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर ज्योति गजभिए ने कहा कि "संपर्क भाषा के रूप में दूसरे अहिंदी भाषी प्रदेशों में भी हिंदी का उपयोग हो रहा है।"

ट्रू मीडिया के प्रधान संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति  जिनका कार्यक्रम में विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ, उन्होंने कहा कि "डिजिटल मीडिया में हिन्दी का वर्चस्व दिखाई देता है।" साथ ही उन्होंने एक अनुकरणीय बात कही कि "फोटो खिंचवाते या सेल्फी लेते समय ' चीज़' या 'पनीर' के बदले ' हिन्दी ' कहा जाये।"

मुख्य अतिथि, हिन्दी अकादमी दिल्ली के पूर्व उपसचिव श्री ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि "संस्कृति,विचार और भावनाओं में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जितना किसी बात का विरोध होता है, उतनी ही तीव्रता से वो बढ़ती है। यही बात हिन्दी के विरोध की है।"

कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ और सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री प्रबोध कुमार गोविल ने हिन्दी के संदर्भ में कहा कि 

"भाव,भाषा और भावनाओं को परे करने से विवाद होते हैं, पर साहित्यकार आशंकाओं को संभावनाओं को बढ़ा देते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "भिन्न - भिन्न भाषाओं के साहित्यकार हिन्दी में सतत लेखन कर रहे हैं, स्वतः ही हिन्दी समृद्ध हो रही है।"

परिचर्चा के रोचक विषय पर श्रोताओं ने भी खुलकर भाग लिया और अपने विदेशो के किस्से भी सुनाएं। 

कार्यक्रम में भारत के विभिन्न शहरों से एवं विदेशों से भी बड़ी संख्या में साहित्यकारों ने भाग लिया

कार्यक्रम का संचालन अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की निदेशक सुश्री महिमा श्रीवास्तव वर्मा ने किया। 

आभार ज्ञापन का दायित्व अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मंत्री संचालक सुश्री जया केतकी शर्मा ने किया।

प्रस्तुति 

महिमा श्रीवास्तव वर्मा

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post