काव्य :
विश्व खेल रहा खूनी होली
विश्व खेल रहा खूनी होली
पाक माह रमज़ान !
काम सभी का कब्जा करना
जाये कितनी जान।।
जोगीरा सा रा रा रा रा..
कोई इंसान जिन्दगी को
कर देते बदरंग ।
कोई जीने का ढ़ंग छीन
ख़ुशियाँ करते भंग।।
जोगीरा सा रा रा रा रा...
ऊंची ऊंची बना इमारत
देते पल में फोड़।
बारूद ढ़ेर पर हम बैठे
मौत खड़ी हर मोड़।।
जोगीरा सा रा रा रा रा रा...
कैसे खेलें क्या ही खेलें
होली का त्यौहार ।
सबकी सबसे दुश्मनी यहाँ
नकली हर व्यवहार। ।
जोगीरा सा रा रा रा रा ..
- सुनीता सोलंकी 'मीना'
मुजफ्फरनगर
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