काव्य :
शब्द महका,लगाव होता है
/////////////पूर्णिका////////
शब्द महका, लगाव होता है।
शब्द बहका तो घाव होता है।
शब्द शक्ति भी जान लें लेती,
शब्द तेजाब, ताव होता है।
शब्द की वेदना सही समझे,
शब्द सोना है,भाव होता है।
शब्द में शक्ति है मिटाने की,
शब्द में मीठा चाव होता है।
शब्द रोते, बनाते बदसूरत,
शब्द में भी सजाव होता है।
शब्द निर्मल है,धूप है,छाया,
शब्द सच्चा बहाव होता है।
- सीताराम साहू'निर्मल'छतरपुर मप्र
Tags:
काव्य
.jpg)
