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कवि सम्मेलन, होली उत्सव एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन किया गया


 

कवि सम्मेलन, होली उत्सव एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन किया गया

दिल्ली । सहज संभव (एन जी ओ) एवं साहित्य सृजन कुटुंब (पंजीकृत ट्रस्ट ) के तत्वावधान में कवि सम्मेलन, होली उत्सव एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, समाजसेवियों और महिला शक्ति की प्रभावशाली उपस्थिति ने समाँ बाँध दिया।

कार्यक्रम में अतिथि एवं रचनाकारों के रूप में श्रीमती प्रीतिमा खंडेलवाल, ,कृष्णा राजपुरोहित, देवांशी जांगिड, सुनीता पुनिया, अजय त्यागी, प्रदीप भट्ट, दिनेश तिवारी, , डॉ वर्षा सिंह रहे । कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ संतोष कुमारी संप्रीति ने किया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप संध्या सिंह, प्रोमिला मलिक, डॉ कमल सक्सेना, संजय अग्रवाल, रवि कांत शर्मा, सुतापा, दिव्या सिंह, मनीषा शर्मा, गायत्री, पवन विज, नीतू जैन सहित अनेक गणमान्य हस्तियाँ मौजूद रहीं।

कवि सम्मेलन के दौरान कवियों और कवयित्रियों ने अपनी ओजपूर्ण, हास्य और श्रृंगार रस से सराबोर कविताओं से दर्शकों का मन मोह लिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट गूँजती रही। कार्यक्रम की निवेदक व सहज संभव एवं जी ओ की संस्थापक रेखा झींगन ने आए हुए मेहमानों का स्वागत्त- सत्कार किया एवं संस्था के उद्देश्यों से रूबरू करवाया।कार्यक्रम निवेदक सुषमा भंडारी ने अपने गीत ,माहिया व दोहों से श्रोताओं को मोहित किया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला शक्ति को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण, समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

 गुलाल के रंगों में घुला अपनापन ,फूलों से सुगंधित हुआ सहज संभव का प्रांगण । परिवार से दूर रह रहे नशे से पीड़ितों के लिए खुशी का नया रंग था यह काव्य का रस ।

होली उत्सव के दौरान सभी अतिथियों और उपस्थित श्रोताओं ,दर्शकों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। वातावरण रंगों और मुस्कानों से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में साहित्य, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। सहज संभव एनजीओ के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब साहित्य और सामाजिक सरोकार एक साथ आते हैं, तो उत्सव यादगार बन जाता है।

इस अवसर पर एनजीओ की संस्थापक श्रीमती रेखा झींगन ने अपने संबोधन में कहा कि “साहित्य समाज को जोड़ने की सबसे मजबूत कड़ी है। जब कविता, संस्कृति और नारी शक्ति एक मंच पर आती हैं तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हमारा उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाना है, ताकि वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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