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काव्य : जीवन संघर्ष - अजय कुमार श्रीवास्तव , रीगल ट्रेजर, भोपाल


 

काव्य : 

जीवन संघर्ष


गुप्ता जी 

कहने को तो

होम्योपैथिक डॉक्टर हैं

चिकित्सकीय जांच के बहाने

करते जाते पूरी जन्मकुंडली/आत्मकथा/रोजनामचा

इतने प्रश्न कि

मरीज भूल ही जाए

अपना मर्ज इस पड़ताल में


ऋतु वार प्रश्नावली की एक बानगी

उनकी जिज्ञासा

मरीज की जुबानी

Ac, कूलर के बगैर

कितनी देर रह लेते हो

गर्मी में कितनी देर बहने देते हो पसीना

फ्रिज के ठंडे पानी बिना

बुझाते हो अपनी प्यास


ठंड में ,कभी नहाया पोखर,तालाब,नदी जल में

कभी सरकारी जलप्रदाय के ताजा पानी से भी नहाओ

ज्यादा गर्म कपड़े न पहनकर

मजबूत होने दो तन को

प्रातः भ्रमण, योग,प्राणायाम पर जोर लगाओ


कभी बारिश में भी भीगो

स्ट्रीट फूड भी खाओ

कभी तला-मसालेदार चखो

कभी हरी सब्जियां ,सलाद ,फल से क्षुदा मिटाओ


सीजनल फल,सस्ती लोकल सब्जियां खरीदो

इलाके के भोजन को अपनाओ

विज्ञापित सामान हो सकता 

महज एक धोखा

शरीर को मजबूत बनाओ


जितना विषम होगा रहन सहन

उतनी बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता

जितना होगा जीवन संघर्ष

उतनी बढ़ेगी जीवटता


हरेक प्रश्न पर्याप्त था

एक नई शोध का, नए जीवन के आयाम का

कभी अतिवृष्टि में  मेघालय का मासिनराम याद आता

कभी अतिशुष्कता में पेरू-चिली का मरु अटाकामा

कभी अतिशीत साइबेरियन बरखोयस्क

कभी अतिगर्म कैलिफोर्निया की डैथवेली

मन में यूँ ही आते रहे भिन्न रंग

कभी सियाचिन के जवानों का संग


डॉक्टर का एजेंडा साफ था

न किसी का धन-प्रलोभन

न किसी मजहब, वाद को देना बढ़ावा

न किसी खास वर्ग का महिमा मंडन

न शांतिप्रिय जनता को भड़काना


न उसमें हथियारों का प्रयोग

न हिंसा का सहारा

न कट्टर मोलीवियों,पंडितों का सुर था

न जनांदोलन का पिटारा


प्रकृति के संग रहो

प्रकृति के संग जिओ

प्रकृति को मत उजाड़ो

सादगी के लिये संघर्ष करो..!!


- अजय कुमार श्रीवास्तव

 रीगल ट्रेजर, भोपाल

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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