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काव्य : खुश हूं मैं - डॉ ब्रजभूषण मिश्र , भोपाल


 काव्य : 

खुश हूं मैं


मैं खुश हूँ कि

मैं परिवार में पिता हूँ

पति हूँ

मुखिया हूँ परिवार का

मैं खुश हूँ कि

मेरी पत्नी आश्वस्त है कि

वो अपनी जिम्मेदारियों

का भार किसी को दे सकती है

मैं खुश हूँ कि

मेरे बच्चों का भगवान हूँ मैं

जिस पर वे तन मन से

निर्भर हो निश्चिंत जीते हैं

में खुश हूँ कि

मैं अपने परिवार का

जीवन व प्राण हूँ

मैं खुश हूँ कि

मेरे वृद्ध होने पर ये 

स्मृति और ये अनुभूति 

मेरा सहारा बनेगी

मैं खुश हूँ कि

मुझे इतना मिला,

कितना अहसान है मुझ पर जिंदगी का

कितनों को ये सब है

कहाँ मिल पाता

इसलिए

खुश हूँ मैं.


 - डॉ ब्रजभूषण मिश्र , भोपाल

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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