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काव्य : ग़ज़ल - हमीद कानपुरी ,कानपुर


 

काव्य : 

ग़ज़ल 


साथ  चलना  बहुत ‌ ज़रूरी  है 

अब निकलना  बहुत ज़रूरी है 


रोज़  मिलते   हैं आप  ग़ैँरों  ‌से

खु़द से मिलना बहुत ज़रूरी है 


हमसफ़र यार  है अगर  बनना

तब  संभलना बहुत  ज़रूरी है 


जबसफलता नहींज़रा‌‌ मिलती

यूँ   बदलना‌   बहुत  ज़रूरी  है 


शान्त बैठो  नहीं वहाँ‌  हरगिज़

गर  उबलना  बहुत  ज़रूरी  है 


- हमीद कानपुरी 

अब्दुल हमीद इदरीसी 

मीरपुर, कैण्ट, कानपुर -208004

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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