शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
इटारसी । शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में ‘ऊर्जा क्लब’ के तत्वावधान में अकादमिक उन्नयन हेतु राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत को गति देने वाली” रही। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. हरप्रीत रंधावा एवं प्राध्यापकों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं के सर्वांगीण विकास तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान क्विज, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग और निबंध लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। “विज्ञान में महिलाएँ” विषय पर छात्राएँ दिव्या भार्गव, सलोनी वर्मा एवं अन्य प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही सर सीवी रमन के जीवन एवं विज्ञान के आधुनिक शोधों पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए गए। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आस्था यादव, तानिया मेहरा द्वितीय स्थान रितु साहू, हिमांशी खरे एवं तृतीय स्थान रितु उइके , तनुजा राजपूत ने प्राप्त किया। पोस्टर में प्रथम स्थान वरोनिका जोसेफ, द्वितीय स्थान राशि चौरे एवं तृतीय स्थान संगीता उइके ने प्राप्त किया। स्लोगन लेखन में प्रथम स्थान सलोनी वर्मा द्वितीय स्थान सलोनी अहिरवार एवं तृतीय स्थान भूमिका जोशी ने प्राप्त किया। प्रश्न मंच प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सृष्टि आरवी, प्राची चौधरी मुस्कान मेहरा, द्वितीय स्थान मारिया सिद्दीकी, सलोनी वर्मा , तृतीय स्थान प्रिया नायक ने प्राप्त किया।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. हरप्रीत रंधावा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम का उद्देश्य महिलाओं को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सशक्त बनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है। कार्यक्रम के संचालक डॉ. शिरीष परसाई ने कहा कि यह दिवस वैज्ञानिक सोच, नवाचार और तर्कशीलता को अपनाने की प्रेरणा देता है । विकसित भारत के निर्माण में महिला वैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं को भौतिकी के सिद्धांतों को व्यवहारिक जीवन में अपनाने और तार्किक सोच विकसित करने पर बल दिया। डॉ. शिखा गुप्ता ने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण तथा पादप विज्ञान में करियर की संभावनाओं के प्रति प्रेरित किया।इस अवसर पर डॉ. श्रद्धा जैन ने रसायन विज्ञान में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए शोध की बारीकियों से अवगत कराया। डॉ. संजय आर्य ने जैव-विविधता संरक्षण एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि छात्राएँ विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी तो देश वैश्विक मंच पर एक वैज्ञानिक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। श्रीमती पूनम साहू ने छात्राओं को निरंतर सीखते रहने और नवाचार से जुड़े रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन में श्रीमती लवली शर्मा, श्रीमती रश्मि चौरे, करिश्मा कश्यप एवं प्रिया कलोसिया का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन से छात्राओं में वैज्ञानिक चेतना और नवाचार के प्रति उत्साह का सकारात्मक संचार हुआ।
कार्यक्रम में श्रीमती मंजरी अवस्थी, डॉ. हर्षा शर्मा, नीतू अहिरवार, भावना यादव, अदिति पटेल सहित अन्य प्राध्यापक एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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