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इटारसी में प्रदेश के पहले 'स्मार्ट फिश पार्लर' का शुभारंभ: 15 लाख रुपये की लागत से मछुआरों के लिए खुला आधुनिक स्वरोजगार का द्वार


 इटारसी में प्रदेश के पहले 'स्मार्ट फिश पार्लर' का शुभारंभ: 15 लाख रुपये की लागत से मछुआरों के लिए खुला आधुनिक स्वरोजगार का द्वार

इटारसी। प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में इटारसी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को बैल बाजार क्षेत्र में प्रदेश के पहले 'स्मार्ट फिश पार्लर'का भव्य उद्घाटन किया गया। यह पहल न केवल शहर को स्वच्छ रखेगी, बल्कि मछली विक्रेताओं को एक गरिमामय व्यापारिक वातावरण भी प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मिला आधार:

यह आधुनिक पार्लर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तैयार किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 'नीली क्रांति' के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।  इस पार्लर के निर्माण के लिए लगभग ₹15 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। योजना के तहत अब मछुआरों को भी किसानों के समान केसीसी की सुविधा मिल रही है, जिससे उन्हें कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो पा रहा है। पार्लर में लगे आधुनिक डीप फ्रीजर और डिस्प्ले फ्रिज इसी योजना का हिस्सा हैं, ताकि मछलियों की 'शेल्फ लाइफ' बढ़ सके और ग्राहकों को ताज़ा उत्पाद मिलें।

विधायक डॉ. शर्मा का संबोधन: "75 वर्षों की उपेक्षा का अंत"

मुख्य अतिथि विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में किसी ने भी मछली विक्रेताओं के स्वास्थ्य और सम्मान की चिंता नहीं की थी। उन्होंने कहा,पीएम मोदी और सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार ने मछुआरों को 'किसान' मानकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है। यह पार्लर इस बात का प्रमाण है कि मेरा देश अब 'स्मार्ट' हो रहा है।"

नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे: "गुणवत्ता और विजन का संगम"

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने विभाग और निर्माण टीम की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से ठेकेदार असलम खान के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "सरकार ने जो ड्राइंग और राशि भेजी थी, उसे धरातल पर उतारने में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। माया रैकवार, संजय परते और अनिल पठौरिया जैसे हितग्राहियों को अब अपनी आय बढ़ाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।"

स्वच्छता और स्वास्थ्य: सड़कों पर खुले में मछली बेचने से होने वाली गंदगी और बीमारियों से अब शहर को कुछ राहत मिलेगी। 

रोजगार के नए अवसर: यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी एक 'बेंचमार्क' बनेगा, जिससे भविष्य में प्रदेश भर में ऐसे और पार्लर खुलेंगे।

सीधा लाभ: हितग्राहियों को सरकार की ओर से आधुनिक उपकरण और बना-बनाया ढांचा मिलने से उनके निवेश की लागत शून्य हो गई है।

गरिमापूर्ण उपस्थिति:

इस अवसर पर सहायक संचालक मत्स्य विभाग वीरेंद्र चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौरे, पार्षद अमित विश्वास, सभापति मंजीत कलोसिया, पार्षद राहुल प्रधान, जिमी कैथवास, एल्डरमैन रेखा मालवीय, संजीव हूरा, अतुल शुक्ला, आशीष मालवीय, पार्षद कुंदन गौर सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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