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प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद: संवैधानिक नारी आरक्षण विधेयक पारित : होगा 33% महिला आरक्षण



प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद: संवैधानिक नारी आरक्षण विधेयक पारित : होगा 33% महिला आरक्षण

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ — जन-जागरण हेतु मानव श्रृंखला का आयोजन

नारी के सशक्तिकरण का राजनीतिक महत्व विचार हुआ स्पष्ट — डॉ. शोभा विजेंद्र, संस्थापिका, सम्पूर्णा

दिल्ली। देश की जानी-मानी संस्था सम्पूर्णा, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति कटिबद्ध है, उसकी संस्थापिका डॉ. शोभा विजेंद्र के नेतृत्व में दिल्ली गेट से “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के सफलतापूर्वक लागू किए जाने पर मानव श्रृंखला बनाई गई।

इस अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करने के लिए दिल्ली की सामाजिक संस्थाओं ने भागीदारी की। मानव श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य 16–18 अप्रैल 2026 को लोकसभा में आयोजित विशेष सत्र में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लागू होने की राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने हेतु शुभकामनाएँ देना था।

इस अभियान में 300 से अधिक महिलाओं ने तेज धूप में खड़े होकर माननीय प्रधानमंत्री के धन्यवाद में नारे लगाए। वहीं भाइयों ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में पोस्टर एवं बैनर लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

“हर घर में नारी सुरक्षित हो — यही हर पहल पर रक्षा का उद्देश्य है”, जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। इस ऐतिहासिक अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। इस अभियान का उद्देश्य केवल उपस्थित लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना था।

डॉ. शोभा विजेंद्र ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और सशक्त भागीदारी का अवसर देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं, लेकिन अब वे लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण के साथ अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएँगी। संसद और विधानसभाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी देश को नई दिशा देगी और भारत को और अधिक सशक्त, समावेशी एवं आत्मनिर्भर बनाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला नेतृत्व केवल महिलाओं के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे सर्वजन हिताय विषयों पर भी बेहतर योगदान देगा।

अंत में उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस पहल के महत्व को समझें, जागरूकता फैलाएँ और इसे वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनाएं, ताकि भारत को “विश्व गुरु” बनाने के संकल्प को पूर्ण किया जा सके। अभियान में शामिल महिलाओं ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से अब महिलाएं सीमित भूमिकाओं तक नहीं रहेंगी, बल्कि बड़े नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी। इस अधिनियम को दिसंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था तथा 8 अप्रैल 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोकसभा चुनाव 2029 से इसे लागू करने हेतु विधेयक में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए। इस अभियान में फिल्मी पर्दे से लेकर शिक्षण संस्थानों तक, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें डॉ. पिंकी खंडेलवाल, मान्यता जैन, अनुष्का संस्था से संजय गौतम, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि इस अभियान को दिल्ली के प्रत्येक घर तक पहुँचाया जाएगा, ताकि आने वाले समय में हमारे समाज की बेटियाँ गर्व के साथ विधायक और सांसद बन सकें। आभार व्यक्त अंकुश जैन नजफगढ़ एवं संयम जैन ने किया।   --विशाल जैन पवा


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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