“दादी-नानी की कहानी सुनाने का युग लौट रहा है। स्टोरी टेलिंग युवाओं के लिए एक नया केरियर बन रहा है।”
- संतोष श्रीवास्तव
भोपाल । अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच का एक अभिनव आयोजन, कहानी संवाद “दो कहानी- दो समीक्षक” का आयोजन 03 अप्रैल’ 2026, शुक्रवार को शाम 6:00 बजे, गूगल मीट पर आयोजित किया गया।
इस अवसर अध्यक्षता कर रही अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने कहानी संवाद में पढ़ी गई दोनों कहानियों और उन पर की गई समीक्षाओं की सराहना की और कहानी के सन्दर्भ में बात करते हुए कहा कि -
“दादी-नानी की कहानी सुनाने का युग लौट रहा है। स्टोरी टेलिंग के अब बहुत सारे माध्यम उपलब्ध हैं। यही कारण है कि यह युवाओं के लिए एक नया केरियर बनता जा रहा है। कहानी सुनाना भी एक कला है। यदि प्रस्तुतीकरण अच्छा न हो तो कहानी नीरस हो जाती है।”
मुख्य अतिथि डॉ. पद्मा शर्मा ने शिरीन भावसार की कहानी, “लेमिनार फ्लो” की समीक्षा करते हुए कहा कि -
“यह कहानी संवेदनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक यथार्थ को स्वीकार करने वाली कहानी है। कथानक बुज़ुर्गों की विडंबना पर आधारित है। इस कहानी में जीवन का दर्शन है। ठहरे हुए समय में जीवन कठिन हो जाता है। इसे बहने दो। यही भौतिकी में द्रव्य यांत्रिकी का सिद्धांत भी है लेमिनार फ्लो अर्थात स्तरिक प्रवाह जो धीमी गति से निरंतर बहता रहता है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ.रानी श्रीवास्तव ने पुष्पा सिन्हा की कहानी, “मेरा सब कुछ लुट गया” की समीक्षा करते हुए कहा कि -
“पुष्पा सिन्हा की कहानी का विषय समसामयिक एवं अंत बहुत ही मार्मिक है। इसे और विस्तार दिया जा सकता था। कहानी का सबसे मजबूत पक्ष न्याय व्यवस्था है। भारतीय समाज में परिवार की प्रतिष्ठा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। रिश्तों में सदैव ईमानदारी, स्पष्टता और जिम्मेदारी का होना आवश्यक है।”
उपन्यासकार अनिता रश्मि ने सभी का स्नेहिल स्वागत किया। रानी मोटवानी ने सभी माननीय अतिथियों और दर्शकों का आत्मीय आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी ने किया।
कहानी संवाद के इस कार्यक्रम में देश-विदेश से अनेक साहित्यकार एवं पत्रकार अंत तक उपस्थित रहे।
प्रस्तुति - मुज़फ्फर सिद्दीकी
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