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श्रीमती ज्योति व सन्तोष चंचलानी दम्पत्ति ने की देहदान की घोषणा, 174 वाँ देहदान पंजीकरण सम्पन्न


 

श्रीमती ज्योति व सन्तोष चंचलानी दम्पत्ति ने की देहदान की घोषणा, 174 वाँ देहदान पंजीकरण सम्पन्न

 खण्डवा। रघुनाथपुरम कालोनी निवासी संतोष कुमार चंचलानी एवंव पत्नी श्रीमती ज्योति चंचलानी ने मरणोपरांत देहदान का घोषणा पत्र भरा। सक्षम संस्था के अध्यक्ष व लायन्स नेत्रदान देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति के संयोजक नारायण बाहेती व समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि राधा स्वामी सम्प्रदाय व  सक्षम संस्था, लायन्स क्लब खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा, नेत्रदान देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति द्वारा निरंतर चलाए जा रहे देहदान जनजागरण अभियान से प्रेरित होकर चंचलानी दम्पत्ति संतोष कुमार, श्रीमती ज्योति चंचलानी ने एक दूसरे के घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर पुत्री कशिश, साली सिमरन गोलानी व पूर्व देहदान घोषणा करने वाली नीलम मंगवानी की  सहमति युक्त देहदान घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर समिति को सौंपा। यह समिति द्वारा भरा गया 174 वाँ देहदान घोषणा पत्र है। इस अवसर पर डॉ. सोमिल जैन, प्रहलाद तिरोले, अनिल बाहेती, डॉ राधेश्याम पटेल, सुरेन्द्र सिंह सोलंकी, राजीव मालवीय, लायन्स क्लब अध्यक्ष आशा उपाध्याय, घनश्याम वाधवा, राजीव शर्मा, गांधी प्रसाद गदले, डॉ.रणवीर सिंह चावला, चंचल गुप्ता, अपूर्व उपाध्याय, अखिलेश गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारियों का सहयोग रहा। देहदान की घोषणा करते हुए चंचलानी दम्पत्ति ने भावुक शब्दों में कहा कि “मृत्यु के बाद शरीर को जलाकर नष्ट करने से बेहतर है कि वह किसी के जीवन के कामए आए। हमारे नेत्र किसी को दृष्टि दे सकते हैं और हमारी देह मेडिकल विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज के लिए अच्छे चिकित्सक तैयार कर सकती है। समिति के सहयोग से 23 देह मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द की जा चुकी हैं तथा 521 दिवंगत व्यक्तियों के नेत्रदान सफलतापूर्वक कराए गए हैं। देहदान के महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार देहदानी को उनके घर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, साथ ही परिवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाता है। नेत्रदान व देहदान के लिए समिति से कभी भी सम्पर्क किया जा सकता है।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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