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नौतपा: सूर्य की प्रचंड गर्मी का प्रकोप - सरिता सुराणा,हैदराबाद


 

नौतपा: सूर्य की प्रचंड गर्मी का प्रकोप 

    नौतपा नौ दिन की वह अवधि होती है, जब धरती का तापमान सबसे अधिक होता है। नौतपा सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से प्रारंभ होता है, जो सूर्य के मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करने से समाप्त होता है। ज्येष्ठ मास के इन नौ दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है। इन नौ दिनों की अवधि में धरती सूर्य की ऊष्मा को अवशोषित करके बारिश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है।

इस वर्ष नौतपा 25 मई, रविवार से शुरू हो रहा है, जो 2 जून, रविवार को समाप्त होगा।

नौतपा का ज्योतिष से संबंध

ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है, तो गर्मी और अधिक बढ़ जाती है। दरअसल, रोहिणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। शुक्र को सूर्य का शत्रु माना जाता है, इसलिए सूर्य और शुक्र के एक साथ आने से गर्मी ज्यादा होती है। इसके अतिरिक्त नौतपा की अवधि में सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट होता है। इसलिए भी इस अवधि में सबसे तेज गर्मी पड़ती है। सूर्य की किरणें धरती पर सीधी पड़ती हैं।

नौतपा की अवधि में हमें ग्रह शान्ति हेतु कुछ उपाय करने चाहिए -

*नौतपा की अवधि में सूर्यदेव की पूजा करनी चाहिए। सुबह उठकर स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य चढ़ाएं। ऐसा करना शुभ माना जाता है।

*नौतपा के दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत फायदेमंद होता है। इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

*नौतपा के दौरान कोई आपके दरवाजे पर कुछ मांगने आए, तो उसे खाली हाथ न जाने दें। अपनी क्षमता के अनुसार कुछ न कुछ दान जरूर करें। ऐसा करने से आपको शुभ फल मिलेगा।

*नौतपा के दौरान कुछ चीजों से परहेज करें, जैसे-लहसुन, बैंगन और मांसाहार। इस दौरान शुद्ध जल और फलों का अधिक से अधिक सेवन करें।

*नौतपा में प्यासे लोगों को पानी पिलाना बहुत अच्छाकाम है। इससे पुण्य मिलता है।

*राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था करें। इससे आपको शुभ फल मिलेंगे।

*नौतपा में जरूरतमंद लोगों के मध्य दान करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। नौतपा की यह अवधि ज्येष्ठ मास में पड़ती है और शास्त्रों में ज्येष्ठ मास का दान महादान माना गया है। इस अवधि में जरूरतमंद लोगों को मौसमी फल, सत्तू, छाता, मटका, सूती वस्त्र और पंखे आदि का दान करना चाहिए। ऐसा करने से जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।

*धार्मिक मान्यता के अनुसार, नौतपा में पीपल का पेड़ लगाना बहुत ही शुभ होता है। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है। नौतपा में शमी का पौधा लगाने से कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक हो जाती है।

*नौतपा में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। मान्यता है कि इस उपाय से कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव कम होता है।


- सरिता सुराणा 

हिन्दी साहित्यकार एवं स्वतंत्र पत्रकार

हैदराबाद

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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