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मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर हुई सरस काव्य संध्या


 मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर हुई सरस काव्य संध्या

 बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति, बरेली के तत्वावधान में स्थानीय साहूकारा में मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर सरस काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती शिवरक्षा पांडेय ने किया तथा अध्यक्षता साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। मुख्य अतिथि साहित्यकार ज्ञान देवी वर्मा 'सत्यम' एवं विशिष्ट अतिथि साहित्यकार गणेश 'पथिक' रहे। 

       माँ शारदे की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 

      वरिष्ठ कवयित्री शिवरक्षा पांडेय ने माँ पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि -

माँ के दिल की दुआओं से लंबी 

कोई दुनिया में चादर नहीं है

जीते जी कर लो जी भर के सेवा

भर लो झोली में आशीष- मेवा।

मुख्य अतिथि ज्ञान देवी वर्मा सत्यम् ने मां पर अपनी रचना कुछ इस प्रकार प्रस्तुत की-

माँ बता दे वह प्यार कहाँ

उसे कहाँ तू छोड़ आई। 

      काव्य संध्या में कवियों ने मातृ प्रेम, ममता, त्याग, संस्कार एवं माँ के संघर्ष पर आधारित भावपूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

       इस अवसर पर संस्था - सचिव उपमेद्र सक्सेना एडवोकेट, दीपक मुखर्जी दीप, डॉ मुकेश मीत, जगदीश निमिष, कैलाश मिश्र रसिक, रामकुमार अफरोज, बृजेंद्र अकिंचन, यदुवीर प्रसाद गौड़, मिथिलेश गौड,डॉ राजेश शर्मा ककरेली, राजकुमार अग्रवाल राज ,विवेक विद्रोही,रीतेश साहनी एवं राजीव सक्सेना आदि उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया। 


-उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट

 सचिव

 मोबा- 98379 44187



देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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