राहु केतु के बीच बंधक बन जाएंगे सभी ग्रह : ग्रहों के बंधक होने का विश्व स्तर पर पड़ेगा प्रभाव
ग्रहों के होंगे थोक में तबादले। चार दिन में करेंगे, चार ग्रह राशि परिवर्तन
आगामी एक पखवाड़े तक मौसम में बना रहेगा उतार चढ़ाव
भोपाल। रविवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में जाने के साथ ही नवग्रह बंधक बन गये है।
ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के ज्योतिषाचार्य भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम ने बताया कि सूर्य, चंद्र, मंगल ,राहु ,गुरु, शनि, बुध आदि ग्रह राहु- केतु के बीच में आकर बंधक बन गए हैं ,यह आगामी 25 मई तक बंधक रहेंगे। बंधक योग के प्रभाव से उपरोक्त ग्रहों की ऊर्जा शक्ति में कमी आएगी। अनेक क्षेत्रों में पड रही ग्रहों की दृष्टियों की शुभता कमजोर होगी। फलस्वरूप विश्व स्तर पर कार्यों में रुकावट एवं युद्धादि स्थितियां विकट हो सकती है। साथ ही प्राकृतिक प्रकोप, शक्तिशाली तूफान आदि से हानि की संभावना अनेक क्षेत्रों प्रांतो में हो सकती है। पंडित गौतम के अनुसार गोचरीय व्यवस्था में भी बदलाव तेजी से हो रहा है। चार दिन में चार ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं।
तारीख 12 मई को चंद्रमा मीन राशि में जाएंगे, 13 तारीख को बुध वृष राशि में एवं 14 तारीख को शुक्र प्रातः मिथुन राशि में, एवं 15 तारीख को सूर्य वृष राशि में प्रवेश करेंगे।
उपरोक्त ग्रहों के थोक में राशि परिवर्तन से मौसम में आगामी पखवाड़े भर उतार- चढ़ाव बना रहेगा। कहीं--कहीं विचित्र बारिश अंधड के योग आगामी 15 दिन तक बने रहेंगे। आकाश मंडल में कालसर्प योग की छाया रहेगी । तारीख 10 मई से 25 मई के बीच जन्म लेने वाले जातकों की जन्म पत्रिका में कालसर्प दोष बनेगा।
तारीख 14 को प्रातः शुक्र के राशि परिवर्तन से गुरु शुक्र का मिलन होगा। गुरु देवताओं के समर्थक हैं वही शुक्र दैत्यों के गुरु समर्थक हैं इन दोनों गुरुओ का मिलन नई संधि पर चर्चा देश दुनिया में शुरू हो सकती है ग्रहों के बंधक बनने से अनेक देश अपने आप को बंधक जैसा महसूस करेंगे, उन्हें बेचैनी एवं छटपटाहट होगी। इसी दौरान अमावस्या पूर्णिमा के आसपास भूकंप आदि के योग भी परीक्षित हो सकते हैं। उपरोक्त समय में राजनेताओं, राजाओं को उद्योगपतियों , संवैधानिक पदाधिकारियों को विशेष सावधानी सुरक्षा की आवश्यकता है। ज्योतिष मठ संस्थान लगातार ग्रहों के विश्व स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव पर अनुसंधान कर रहा है वर्तमान समय पर सभी विच्छेदी क्रूर ग्रह एक दूसरे का पीछा कर रहे हैं राजा सूर्य के पीछे मंगल उसके पीछे शनि । तथा शनि के पीछे राहु राशि संचरण कर रहे हैं यह भी अस्थिरता असंतुलन की स्थितियां निर्मित करता है ।उपरोक्त ग्रह योग के प्रभाव से ग्रहण योग, कालसर्प योग, मंगल शनि की युति, गुरु शुक्र की युति, सूर्य बुध की युति होगी यह सकारात्मक संधि करने में सफलता कारी है
आगामी 15 दिन तक कुंभ राशि से सिंह राशि के बीच गृह बंधक रहेंगे ।भारत की प्रभाव राशि कुंभ में बनने वाले ग्रहण योग का प्रभाव हो सकता है अतः इस दौरान देश में सावधानी पूर्वक संयम बरतने की आवश्यकता रहेगी।
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