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उठो तुम ही किसी रावण की खातिर राम हो जाओ, की सशक्त काव्य प्रस्तुति से गूंज उठा कवि सम्मेलन


 

उठो तुम ही किसी रावण की खातिर राम हो जाओ, की सशक्त काव्य प्रस्तुति से गूंज उठा कवि सम्मेलन

 इटारसी । कला साहित्यिक सांस्कृतिक मंच इटारसी के तत्वाधान में इटारसी मेला उत्सव समिति के सहयोग से लाल मैदान सूरज गंज में आयोजित विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कार्यक्रम में उपस्थित रसिक काव्य श्रोताओं की भारी संख्या में उपस्थिति एवं‌ हास्य व्यंग्य कवि बीकेपटेल के संचालन में रात्रि 1:00 बजे सम्पन्न हुआ‌।

कवि सम्मेलन में जहां रसिक श्रोताओं ने हास्य व्यंग्य की रचनाओं पर हंसी ठहाके लगाते हुए तालियां ठोंकी तो मार्मिक काव्य रचनाओं पर नैनों से अश्रु धारा भी बहाई।

मेला उत्सव समिति के संस्थापक भूपेंद्र राय एवं संयोजक ऋषभ राय ने सभी मंचासीन कविगणों को पुष्प हार पहनाकर एवं शाल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

कला साहित्य संस्कृति मंच के सदस्यों अखिलेश दुबे, आरबी यादव, डॉ दिनेश प्रजापति, विजय राव नाईक, हैप्पी शर्मा, राम चरण नामदेव, सुरेश चिमानिया, आनन्द दीवान, अमरीश दुबे राजकुमार दुबे , गुड्डू जैन  ने पर्यावरण एवं ईंधन के संरक्षण के कार्य में लगे साइकिल चालकों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

कवियत्री सरिता सरोज की मां सरस्वती की मधुर वंदना गायन की प्रस्तुति के साथ कवि सम्मेलन आरंभ हुआ। 

हास्य कवि सुनील तन्हा करेली -कभी उनको भी मुड़कर देख लिया करो जो वक्त पर काम पड़े थे, पौंछे थे तुम्हारी आंखों के आंसू लेकिन उनके पांव में छाले पड़े थे। हास्य कवि मुकेश शांडिल्य टिमरनी- मांग भरने की सजा कुछ ऐसी पाई मैंने, मांग कर खा रहा हूं मैं जवानी में,झाड़ू पोछा करते हैं पूरा काम करते हैं कोई सुख नहीं यार मेरी जिंदगानी में। वीर रस कवि विजय बारूद समस्तीपुर- वाग्देवी सरस्वती मां, धार की आजाद हो गई,आत्मा प्रसन्न एवं भोजराज भोपाल की। हास्य कवि दिनेश देहाती बालाघाट- दिल दिमाग दुनिया सुलग रहे हैं आग में,खाक हो जाएगा तब मल्हार गाकर क्या करोगे? गीत गजल कर सरिता सरोज नागपुर- सर छुपाने का ठिकाना चाहिए,धूप को भी शामियाना चाहिए, जिनके पर हैं वो तो खुद ही उड़ जाएंगे,बेपेरो को भी उड़ाना चाहिए। गीतकर धर्मेंद्र सोलंकी भोपाल- अभी भगवान का अवतार तो मुमकिन नहीं लोगों, उठो तुम भी किसी रावण की खातिर राम हो जाओ। हास्य-व्यंग्य कवि बीके पटेल- हारा थका बाप दिन भर की थकान भूल जाता है, देख कर बेटी की मुस्कान, आगे क्या होगा भगवान।

कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र राजवंशी ने किया एवं आभार प्रदर्शन मनीष ठाकुर ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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