काव्य :
हौसले
कुछ बचपन अभी बाकी है
कुछ नादानी अभी बाकी है
उम्र तो ले आई है बहुत दूर
जिंदादिली अभी बाकी है
कौन कहता है ढल गए हम
अपनी जवानी अभी बाकी है
हौसले उम्मीदों के सितारों से
रात चांदनी अभी बाकी है
टूटकर हम बिखरते नही
नया सबेरा अभी बाकी है।
- संदीप नेमा,दीप भोपाल
Tags:
काव्य
.jpg)
